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Hindenburg की रिपोर्ट से अडानी ग्रुप को भारी नुकसान, अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी में गौतम अडानी

अमेरिकी रिसर्च फर्म Hindenburg की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप के सभी कंपनियों के लोन (Adani Group Debt) पर भी सवाल खड़े किए हैं. इसमें दावा किया गया कि अडानी ग्रुप की 7 प्रमुख लिस्टेड कंपनियां 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूज हैं. फर्म ने अडानी ग्रुप से 88 सवाल किए हैं.

हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को अडानी ग्रुप ने बताया निराधार हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को अडानी ग्रुप ने बताया निराधार
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 1:39 PM IST

नए साल 2023 के पहले महीने में ही अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए एक अमेरिकी फर्म की रिपोर्ट नुकसानदायक साबित हुई है. इस रिपोर्ट के बाद गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनियों के शेयरों में ऐसी गिरावट आई कि उन्हें करीब 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ गया. फॉरेंसिक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म Hindenburg की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों पर कई सवाल खड़े किए गए हैं. अब अडानी ग्रुप हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है. 

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रिसर्च फर्म के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को अडानी ग्रुप की ओर से इस संबंध में एक स्टेटमेंट (Adani Group Statement) जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि वह रिसर्च फर्म Hindenburg के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए अमेरिकी और भारतीय कानूनों के तहत प्रासंगिक प्रावधानों का मूल्यांकन कर रहा है. जिसने ग्रुप पर टैक्स हेवन के अनुचित इस्तेमाल और भारी-भरकम कर्ज (High Debt) के बारे में सवाल खड़े किए हैं. 

अडानी ग्रुप ने रिपोर्ट को बताया निराधार
Gautam Adani Group की ओर से जारी किए गए स्टेटमेंट में बीते 24 जनवरी 2023 को हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे दुर्भावना से ग्रसित बताया गया है. इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट चुनिंदा गलत सूचनाओं और बासी, निराधार और बदनाम आरोपों का एक दुर्भावनापूर्ण संयोजन है. इस रिपोर्ट को बिना किसी रिसर्च के तैयार किया गया है. इसके प्रकाशित होने के बाद हमारे शेयरहोल्डर्स और इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर प्रतिकूल असर पड़ा है. 

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FPO को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
अडानी ग्रुप ने सख्त लहजे में कहा है कि कंपनी के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग (FPO) को नुकसान पहुंचाने के लिए एक विदेशी फर्म द्वारा जानबूझकर हमें परेशान किया गया है. अडानी मैनेजमेंट ने कहा कि इस रिपोर्ट ने ग्रुप की इन्वेस्टर्स कम्युनिटी और आम जनता को गुमराह करने के साथ ही Adani Group के लीडर्स की प्रतिष्ठा को कम करने का काम किया है. इस लिए हम उपचारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई के लिए कानूनों के तहत प्रासंगिक प्रावधानों का मूल्यांकन कर रहे हैं. 

बता दें अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (Adani Enterprises FPO) के जरिए 20,000 रुपये जुटाने की तैयारी है. बुधवार को इस एफपीओ के लिए 3,112 रुपये प्रति शेयर फ्लोर प्राइस (Floor Price) तय कर दिया गया है.

Adani की कंपनियों के शेयर धड़ाम
गौरतलब है कि Hindenburg की इस रिपोर्ट के आने के बाद गौतम अडानी (Gautam Adani) की संपत्ति फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक 6.1 अरब डॉलर यानी 489,99,30,00,000 रुपये तक घट गई. शेयर बाजार में लिस्टेड अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली. इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ग्रुप की 7 प्रमुख लिस्टेड कंपनियां 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूज हैं. 

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