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Gold Vs Sensex: पैसे बनाने में सेंसेक्स से आगे सोना, 5 साल में गोल्ड की कीमत दोगुनी

भारत में सोने का बड़ा महत्व दिया जाता है. लोग इसे ज्वैलरी के रूप में पसंद करते हैं, तो दूसरी ओर निवेश का भी सबसे अच्छा विकल्प मानते हैं. जब दुनिया भर के शेयर बाजारों (Stock Markets) में भूचाल आता है या फिर कोई अन्य आर्थिक संकट आता है, तो सोने की मांग (Gold Demand) बढ़ जाती है.

पांच साल में सेंसेक्स से ज्यादा रिटर्न सोने ने दिया पांच साल में सेंसेक्स से ज्यादा रिटर्न सोने ने दिया
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST

देश में सोना (Gold) को लेकर लोगों में खासा लगाव है और इसे सबसे सुरक्षित निवेश का विकल्प भी माना जाता है. अगर इन्वेस्टमेंट की बात करें तो बीते पांच साल में सोने ने अपने निवेशकों को शेयर बाजार के 30 शेयरों वाले इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) से ज्यादा रिटर्न दिया है. कोरोना संकट काल या फिर रूस-यूक्रेन जंग के बीच सोने में निवेश में बड़ा उछाल दर्ज किया गया और निवेशकों का ये इन्वेस्टमेंट उनके लिए फायदे का सौदा ही साबित हुआ है. 

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Gold निवेश का सुरक्षित ठिकाना
देश में बीते 5 साल में कई तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. जहां एक ओर कोरोना महामारी के प्रकोप से हालात बिगड़े, तो वहीं रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग ने सप्लाई चेन पर बड़ा नकारात्मक असर डाला है. पिछले 5 सालों में इन अनिश्चितताओं के चलते भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में उथल-पुथल का नजारा सभी ने देखा है. वहीं सोने की कीमतों में आए उछाल से भी सभी वाकिफ हैं.

वैसे भी किसी भी आपदा या अनिश्चितता की स्थिति में सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता है और Gold ने ये साबित भी किया है. पांच साल की इस अवधि में सोने की कीमतें (Gold Price) जिस हिसाब से बढ़ी हैं, उसके चलते इस संपत्ति ने शेयर बाजार से ज्यादा रिटर्न अपने निवेशकों को दिया है. 

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सोने में निवेश पर मिला 99% तक रिटर्न
आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2018 के बाद से अब तक यानी पिछले 5 साल में सोने का भाव करीब 99 फीसदी तक चढ़ चुका है. वहीं इसकी तुलना में बीएसई के सेंसेक्स (Sensex) में 77 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. मतलब सेंसेक्स में निवेश करने वालों को गोल्ड इन्वेस्टर्स से कम रिटर्न हासिल हुआ है.

अगर सोने की कीमतों में हुए बदलाव को देखें तो जुलाई 2018 को 24 कैरेट गोल्ड का दाम लगभग 30,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आस-पास था. वहीं इस महीने जुलाई 2023 में इसकी कीमत बढ़कर करीब 61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल चुकी है. इस हिसाब से देखें तो इसमें 99 फीसदी के आस-पास की बढ़त आई है. 

सेंसेक्स 5 साल में यहां पहुंचा
अब बात करें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के Sensex की तो जुलाई 2018 के अंत में ये 37,550 अंक के लेवल पर था, जो जून के अंत में 61,000 से 62,000 के दायरे में पहुंच चुका था. इसमें तेजी का दौर जारी है और फिलहाल ये 66,000 अंक के स्तर पर पहुंच चुका है. इसमें 80 फीसदी के आस-पास बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. 

इस अवधि में भारतीय रुपये में भी बड़ी गिरावट का दौर देखने को मिला है. Indian Currency Rupee के कमजोर होने के कारण भी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है. बता दें कि साल 2017 में रुपया 63 प्रति डॉलर पर था, जो आज लगभग 82 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है. इस हिसाब से देखें तो इसमें 30 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है. अंतरराष्ट्री बाजारों में सोने की कीमतों पर गौर करें तो ये अभी 1,960 डॉलर प्रति औंस के भाव तक पहुंच गया है. 

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लॉन्ग टर्म में फायदे का सौदा है Gold
सोना यानी Gold एक डेड एसेट है, जो आपको नियमित आय नहीं देता, लेकिन लॉन्ग टर्म में ये निवेशकों के लिए फायदे का सौदा ही साबित होता है. जबकि, शेयर बाजार में भी लंबी अवधि के निवेश में फायदे का इतिहास रहा है फिर भी यहां रिस्क ज्यादा रहता है.  वित्तीय वर्ष FY23 में सोने की कीमतों (Gold Price) में डबल डिजिट में बढ़ोतरी दर्ज की गई. शेयर मार्केट में जबरदस्त अस्थिरता के बीच गोल्ड मजबूत रिटर्न देने वाले सबसे अच्छे विकल्पों में से एक साबित हुआ. 

Gold का दूसरा बड़ा आयातक भारत
भारत में सोने का बड़ा महत्व दिया जाता है. जहां लोग इसे ज्वैलरी के रूप में पसंद करते हैं, तो दूसरी ओर इसे निवेश का भी सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है. कई बार देखने को मिला है, जब दुनिया भर के शेयर बाजारों (Stock Markets) में भूचाल आता है या फिर कोई अन्य आर्थिक संकट आता है, तो सोने की मांग (Gold Demand) बढ़ जाती है. इस मामले में भारतीय सबसे आगे हैं. यही कारण है कि भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा आयातक देश है. 

भारत अपनी जरूरत का करीब आधा हिस्सा स्विट्जरलैंड (Switzerland) से खरीदता है.  स्विट्जरलैंड के अलावा भारत संयुक्त अरब अमीरात (UAE), दक्षिण अफ्रीका (South Africa), गिनी (Guinea) और पेरू (Peru) जैसे देशों से भी सोने का आयात करता है.सोने के आयात से देश के आभूषण उद्योग की मांग को पूरा किया जाता है. मात्रा के लिहाज से भारत सालाना 800-900 टन सोने का आयात करता है. बीते वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान रत्न और आभूषण निर्यात 3% घटकर लगभग 38 अरब डॉलर रहा है.

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(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

 

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