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Amazon, Filpkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्ती की तैयारी, बंद हो सकती है फ्लैश सेल! 

केंद्र सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन (E-Commerce) नियम, 2020 में ऐसे बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है जिससे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से गलत तरीके से हो रहे कई सामानों की फ्लैश सेल्स और मिस सेलिंग पर रोक लगाई जा सके.

ई-कॉमर्स सेल पर सख्ती की तैयारी (प्रतीकात्मक तस्वीर) ई-कॉमर्स सेल पर सख्ती की तैयारी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ऐश्वर्या पालीवाल
  • नई दिल्ली ,
  • 22 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:21 AM IST
  • ई-कॉमर्स कंपनियों की काफी शिकायतें
  • अब सरकार कर रही सख्ती की तैयारी

एमेजॉन-फ्लिपकार्ट (Amazon-Fipkart) जैसी कंपनियों द्वारा होने वाले कथित फ्लैश सेल और मिस सेलिंग पर अंकुश लगाने के लिए सरकार नियमों में बदलाव करने जा रही है. 

केंद्र सरकार ने सोमवार को कंज्यूमर प्रोटेक्शन (E-Commerce) नियम, 2020 में ऐसे बदलाव करने का प्रस्ताव रखा जिससे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से गलत तरीके से हो रहे कई सामानों की फ्लैश सेल्स और मिस सेलिंग पर रोक लगाई जा सके. सरकार ने इसके लिए आम जनता से राय भी मांगी है. उद्योग निकाय (Industry bodies) और आम लोग ई-कॉमर्स फर्मों के लिए प्रस्तावित नियमों पर अपने सुझाव और टिप्पणी 6 जुलाई तक भेज सकते हैं.  

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क्या है फ्लैश सेल 

पहले से निर्धारित डेट्स पर कीमतों में काफी कमी करना, भारी डिस्काउंट देना या अन्य  ऐसे प्रमोशनल ऑफर फ्लैश सेल में आते हैं. जब कोई ई-कॉमर्स कंपनी किसी प्रोडक्ट के बारे में गुमराह करने वाली सूचना देकर बिक्री करती है तो उसे मिस सेलिंग कहते हैं. 
 
मैनिपुलेट करने वाले सर्च रिजल्ट के द्वारा ग्राहकों को गुमराह करने, एक मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति और एक रेजिडेंट ग्रीवांस अधिकारी की नियुक्ति जैसे प्रस्ताव इसमें किए गए हैं.  

प्रस्ताव में स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्राथमिकता देना, ई-रिटेलरों का उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) के पास अनिवार्य रजिस्ट्रेशन जैसे नियम शामिल हैं. केंद्र सरकार के इस कदम का मकसद ग्राहकों के प्रति कंपनियों को जवाबदेह बनाना और नियामकीय व्यवस्था को सख्त बनाना है. 

छोटे कारोबारियों की शिकायत 

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गौरतलब है कि देश के तमाम छोटे ​खुदरा व्यापारी ऑनलाइन रिटेलर्स द्वारा बाजार में अपनी पैठ जमाने के लिए अनुचित तरीकों को अपनाने, भारी भरकम छूट देने जैसी कई शिकायतें कर रहे थे. खुदरा व्यापारियों के संगठन कंफडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) इसके लिए कई वरिष्ठ मंत्रियों से मिलकर शिकायत कर चुका है. इस शिकायत के बाद भारत में एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स मार्केट प्लेस को सरकार सख्त नियमों के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय (consumer affairs ministry) द्वारा प्रस्तावित उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 के मुताबिक, सरकार फ्लैश सेल को सीमित करने की तैयारी में है. हालांकि पारंपरिक तौर पर आयोजित होने वाली ई-कॉमर्स रियायती बिक्री पर पाबंदी नहीं लगेगी. 

 

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