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Hindenburg Vs SEBI: 'सफाई में ही स्वीकार...' खुलासे और सेबी चीफ के बयान पर आया हिंडनबर्ग का रिएक्शन, दागे नए सवाल

अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी Hindenburg ने SEBI चेयरमैन पर एक बार फिर हमला बोला है और उनकी प्रतिक्रिया के बाद नई पोस्ट जारी कर कई नए सवाल खड़े किए हैं.

हिंडनबर्ग ने सेबी प्रमुख को लेकर फिर जारी की नई पोस्ट हिंडनबर्ग ने सेबी प्रमुख को लेकर फिर जारी की नई पोस्ट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) ने बीते शनिवार को मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) की चेयरपर्सन मधबी पुरी बुच पर अपनी रिपोर्ट पब्लिश करने के बाद एक बार फिर हमला बोला है. हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट पर सेबी चीफ की प्रतिक्रिया के जवाब में नई पोस्ट करते हुए लिखा, 'बुच के जवाब से साफ है कि उन्होंने हमारी कई बातों को स्वीकार किया है. अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा कि उनके बयानों से बरमूडा/मॉरीशस में उनके निवेश की पुष्टि भी होती है. 

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सेबी चीफ ने दी थी ये सफाई
गौरतलब है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर रविवार को अपना स्पष्टीकरण देते हुए SEBI चीफ माधबी पुरी बुच ने कहा था कि हमें किसी भी फाइनेंशियल डॉक्युमेंट का खुलासा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है, जिसमें वो दस्तावेज भी शामिल हैं, जो उस अवधि से संबंधित हैं जब हम पूरी तरह से आम नागरिक थे. इन्हें कोई भी अधिकारी मांग सकता है. SEBI चीफ ने आगे अपने स्टेटमेंट में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस हिंडनबर्ग रिसर्च के खिलाफ सेबी ने प्रवर्तन कार्रवाई की है और कारण बताओ नोटिस जारी किया है, अब उसने उसी के जवाब में हमारे चरित्र हनन का प्रयास करने की कोशिश की है. 

हिंडनबर्ग ने नई पोस्ट में क्या कहा?
Madhabi Puri Buch की इस सफाई पर हिंडनबर्ग ने रविवार को ही नई पोस्ट शेयर कर कहा कि मार्केट रेग्युलेटर सेबी चीफ के इस बयान पर अमेरिकी शॉर्ट सेलर ने कहा कि SEBI प्रमुख बुच की हमारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही है और बताती है कि उन्होंने कई बातों को स्वीकार किया है. हिंडनबर्ग ने अपने एक्स अकाउंट पर अपनी पोस्ट में लिखा कि व्हिसलब्लोअर डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि बुच ने सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में काम करते हुए बिजनेस करने के लिए अपने पर्सनल ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया. यही नहीं, उन्होंने इसके लिए अपने पति के नाम का भी इस्तेमाल किया.

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अमेरिकी शॉर्ट सेलर की ओर से बीते 25 फरवरी 2018 को भेजे गए एक ई-मेल का जिक्र भी किया. इस दौरान हिंडनबर्ग ने फिर से सवाल खड़ा किया कि आधिकारिक पद पर रहते हुए माधबी पुरी बुच ने अपने पति के नाम से और कौन से इन्वेस्टमेंट या बिजनेस किए हैं?

हिंडनबर्ग ने पहली रिपोर्ट में लगाए थे ये आरोप
Hindenburg की ओर से शनिवार को जारी की गई रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा गया कि व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों से खुलासा होता है कि माधबी बुच और उनके पति धवल बुच ने 5 जून, 2015 को सिंगापुर में आईपीई प्लस फंड 1 के साथ अपना अकाउंट खोला. इसमें दंपति का कुल निवेश 10 मिलियन डॉलर आंका गया है. हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया कि ऑफशोर मॉरीशस फंड की स्थापना इंडिया इंफोलाइन के माध्यम से अडानी ग्रुप के एक निदेशक ने की थी और यह टैक्स हेवन मॉरीशस में रजिस्टर्ड है.

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