
हिंदुजा समूह (Hinduja Group) के प्रकाश हिंदुजा (Prakash P Hinduja) को कथित टैक्स चोरी के एक मामले में स्विट्जरलैंड की फेडरल कोर्ट से राहत नहीं मिली है. फेडरल कोर्ट ने कहा है कि प्रकाश को 13.7 करोड़ डॉलर (करीब 1000 करोड़ रुपये) का टैक्स देना होगा. कोर्ट ने उनके एसेट फ्रीज करने के आदेश को भी वैध ठहराया है.
गौरतलब है कि 76 वर्षीय प्रकाश हिंदुजा यूरोप में हिंदुजा समूह के चेयरमैन हैं. हिंदुजा ग्रुप के कर्ताधर्ता चार भाई गोपीचंद हिंदुजा, प्रकाश हिंदुजा, अशोक हिंदुजा और एसपी हिंदुजा हैं. फोर्ब्स मैगजीन के मुताबिक 'हिंदुजा ब्रदर्स' का मौजूदा नेटवर्थ करीब 15.4 अरब डॉलर (करीब 1.12 लाख करोड़ रुपये) का है.
क्या कहा कोर्ट ने
न्यूज एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार स्विट्जरलैंड की सर्वोच्च अदालत (Federal Tribunal) ने बुधवार को स्विस टैक्स अथॉरिटी के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि प्रकाश हिंदुजा पर 13.7 करोड़ डॉलर के पिछले वर्षों में बकाया टैक्स की देनदारी बनती है. यह देनदारी साल 2008 से 2017 के बीच की है.
क्या है मामला
प्रकाश हिंदुजा पर यह आरोप है कि उन्होंने टैक्स बचाने के लिए अपने को Monaco का नागरिक बताया और अपनी संपत्ति की वैल्यू भी कम करके बताई.
फ्रेंच भाषा के अखबार 24 Heures के मुताबिक यह कथित हेराफेरी तब सामने आई जब तीन साल पहले जेनेवा के अभियोजकों ने मानव तस्करी के एक कथित मामले में उनके परिवार के बारे में जांच शुरू की. यह मामला जेनेवा विला से जुड़ा था जहां प्रकाश हिंदुजा का परिवार रहता था.
जांच के बाद अभियोजक ने टैक्स अधिकारियों को यह जानकारी दी कि प्रकाश हिंदुजा यह दावा करते हैं कि साल 2007 से ही वह मोनाको में रह रहे हैं, जबकि अभी भी वह स्विट्जरलैंड में रहते हैं. उन्होंने अपनी संपत्ति कम बताई और मोनाको में रहने का दावा किया जिसकी वजह से उन पर स्विट्जलरैंड में टैक्स कम लगा.
इस मामले के सामने आने के बाद मई 2019 में ही स्विस टैक्स अधिकारियों ने हिंदुजा के आवास पर छापा मारा था. उनकी संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया था प्रकाश हिंदुजा को साल 2000 में स्विट्जरलैंड की नागरिकता मिली है.
हिंदुजा समूह भारत, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड सहित दुनिया के कई देशों में Auto, IT, बैंक, रियल एस्टेट, मीडिया, हेल्थकेयर जैसे कारोबार में है और इसमें करीब 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है.