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आपकी फ्लाइट में बम है... फिर भगदड़! लेकिन अब डर से यात्री कर रहे हैं ये काम

Airline bomb threat: इस सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 25 फीसदी यात्री बिना किसी डर के अपनी यात्रा पहले के प्लान के मुताबिक ही जारी रखेंगे. 46 फीसदी यात्रियों का कहना है कि वो अपना ट्रैवल प्लान तो नहीं बदलेंगे.

Airline bomb threat Airline bomb threat
आदित्य के. राणा
  • नई दिल्ली,
  • 03 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

बम धमकी की बढ़ती घटनाओं ने हवाई यात्रा करने वाले लोगों को अपने ट्रैवल प्लान बदलने पर मजबूर कर दिया है. इस मुद्दे पर हज़ारों यात्रियों पर किए गए LocalCircles के सर्वे के नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे हैं. 

दरअसल, पिछले दो हफ्तों में भारत में 400 से ज्यादा उड़ानों में बम धमकी की खबरें आई हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया है. इस सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 25 फीसदी यात्री बिना किसी डर के अपनी यात्रा पहले के प्लान के मुताबिक ही जारी रखेंगे.

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कुछ यात्री डरकर बदल रहे हैं प्लान

46 फीसदी यात्रियों का कहना है कि वो अपना ट्रैवल प्लान तो नहीं बदलेंगे, लेकिन सुरक्षा को लेकर थोड़ा सतर्क रहेंगे. 9 फीसदी यात्रियों ने बताया कि वो ऐसी स्थिति से बचने के लिए शायद अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव करेंगे.

8 फीसदी यात्रियों ने साफ किया कि वो अपने ट्रैवल प्लान को जरुर बदलेंगे, जबकि 12 फीसदी यात्रियों ने पहले ही अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव कर लिया है. इन आंकड़ों से जो इशारा मिल रहा है उसके मुताबिक करीब 29 फीसदी यात्रियों ने अगले एक महीने में अपने ट्रैवल प्लान को बदलने का मन बनाया है, जो कि एक बड़ा आंकड़ा है. 

लगातार फ्लाइट में मिल रही हैं बम की धमकियां 

लगातार मिल रही बम धमकियों के बीच लोगों का इस तरह अपनी योजनाएं बदलना बताता है कि सुरक्षा को लेकर लोग कितने संवेदनशील हो गए हैं. हालांकि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं, लेकिन यात्रियों की ये प्रतिक्रिया संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में यात्राओं का तरीका काफी बदल सकता है. 

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 इस सर्वे में देश के 297 जिलों के 15 हजार से ज्यादा हवाई यात्रियों ने अपनी राय दी है. इस सर्वे का मकसद ये जानना था कि भारत में बढ़ रही बम धमकी की घटनाओं का यात्रियों पर क्या असर हो रहा है.  

इस सर्वे में 61 फीसदी पुरुष और 39 परसेंट महिलाएं शामिल थीं, इसमें 45 फीसदी यात्री टियर-1 शहरों से, 29 परसेंट टियर-2 और 26 फीसदी टियर-3 और ग्रामीण इलाकों से थे. यानी इस सर्वे में भारत के हर हिस्से के यात्रियों की राय को शुमार किया गया है. 

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