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आयकर विभाग ने 1 लाख करदाताओं को भेजा नोटिस... वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताई वजह

निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग द्वारा 1 लाख लोगों को ये नोटिस बिना सोचे-समझे नहीं भेजा गया है. ऑफिशियल लेटर के मुताबिक, ये सभी नोटिस 14 महीनों के दौरान भेजे गए हैं और ज्यादातर टैक्सपेयर्स 50 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना इनकम वाले हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शेयर की जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शेयर की जानकारी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

आयकर विभाग (Incometax Department) ने देश के 1 लाख टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजा है. इस बात की जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शेयर की है. ये नोटिस इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय दी गई गलत जानकारी को लेकर भेजे गए. वित्त मंत्री ने 164वें आयकर दिवस समारोह (Income Tax Day) के दौरान ये जानकारी दी. 

किन टैक्सपेयर्स को भेजा गया नोटिस? 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर विभाग ने 1 लाख लोगों को नोटिस भेजा है. Income Tax का ये नोटिस उन टैक्सपेयर्स को भेजा गया, जिन्होंने या तो अपनी आय घोषित नहीं की है या फिर आय को कम बताया है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नोटिस से संबंधित सभी मामले 4 से 6 साल पहले फाइल किए गए आईटीआर के हैं. इसके साथ ही इनमें वो लोग भी शामिल हैं, जिनके लिए ITR फाइल करना जरूरी था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं भरा. 

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14 महीनों के दौरान दिए गए नोटिस
निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आगे कहा कि इनकम टैक्स विभाग द्वारा ये नोटिस बिना सोचे-समझे नहीं भेजा जा रहा है. ऑफिशियल लेटर के मुताबिक, ये सभी नोटिस 14 महीनों के दौरान भेजे गए हैं और इनमें से ज्यादातर वो टैक्सपेयर्स हैं, जो 50 लाख रुपये से ज्यादा की सालाना इनकम वाले हैं. गौरतलब है कि आयकर कानून के तहत, इनकम टैक्स अधिकारी 6 साल तक के पिछले असेसमेंट को फिर से खोल सकते हैं. वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सीबीडीटी (CBDT) ने मई 2023 में 55,000 नोटिस का असेसमेंट पूरा किया, जो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार भेजे थे.  

पहले रखना होता था 10 साल का रिकॉर्ड
वित्त मंत्री के मुताबिक, पहले टैक्सपेयर्स को 10 साल तक रिकॉर्ड रखना पड़ता था, लेकिन अब छह साल के बाद टैक्स असेसमेंट नहीं खोला जा सकता है. चौथे, पांचवें और छठे साल में टैक्स अधिकारी सिर्फ कुछ ही स्थितियों में असेसमेंट को फिर से खोलते हैं. गौरतलब है कि आयकर रिटर्न फाइल करने को लेकर विभाग की ओर से भी ये सलाह दी जाती है कि इसमें सही जानकारी दर्ज की जानी चाहिए. जांच में गलत जानकारी पाए जाने पर विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है. 

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अब तक 4 करोड़ ITR फाइल
इस समारोह में बोलते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) के चेयरपर्सन नितिन गुप्ता ने कहा कि FY22-23 के लिए अब तक 4 करोड़ से ज्यादा इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल किया जा चुके हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अब तक 80 लाख करदाताओं के खाते में रिफंड ट्रांसफर किया जा चुका है. 

 

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