
बड़ी व्यापारिक साझेदारी रखने भारत (India) और कनाडा (Canada) के बीच टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही है और ये लगातार बढ़ती जा रही है. ये विवाद खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की कनाडा में हत्या के बाद से गहराया हुआ है. दोनों देशों के बीच इस तनाव के और बढ़ने पर इनके बीच होने वाले ट्रेड पर असर पड़ने की संभानाएं भी बढ़ने लगी हैं. खासतौर पर उन कंपनियों की टेंशन जोर पकड़ रही है, जिनमें कनाडाई पेंशन फंड (Canadian Pension Fund) का निवेश है. इनमें कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) से लेकर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) तक शामिल हैं.
भारत में इन सेक्टर्स में कनाडा का निवेश
कनाडा पेंशन फंड का भारत में बड़ा निवेश है और देश की कई दिग्गज कंपनियों में उसकी तगड़ी स्टेकहोल्डिंग भी है. CPPIB ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबलल एनर्जी,, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियों में मोटा पैसा लगाया हुआ है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, Kotak Bank में इसका 6141.6 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट है, तो वहीं Zomato में कनाडाई पेंशन फंड ने करीब 2,778.1 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो इसे 1.15 फीसदी का हिस्सेदार बनाता है. इसके अलावा Delhivery Ltd और FSN E-Commerce Ventures Ltd में भी बड़ी रकम लगाई गई है.
इन कंपनियों में भी लगा पेंशन फंड का पैसा!
रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडाई पेंशन फंड ने और भी कई भारतीय कंपनियों में निवेश किया है और इस लिस्ट में ऑनलाइन पेमेंट सर्विसेज मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी पेटीएम (Paytm), नायका (Nykaa), इंडस टावर (Indus Tower) समेत कई नाम शामिल हैं. हालांकि, कनाडा और भारत के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने के बावजूद कनाडाई फंड्स के पास 30 सितंबर 2024 तक करीब 1.98 लाख करोड़ रुपये मूल्य के घरेलू इक्विटी थी और इस आंकड़े को देखकर लगता है कि फिलहाल CPPIB बाहर निकलने की जल्दबाजी में नहीं है. हालांकि, बीते एक साल में ये भारतीय शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम जरूर करता नजर आ रहा है.
कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री यानी सीआईआई (CII) की बीते साल आई एक रिपोर्ट की मानें तो 30 से ज्यादा भारतीय फर्मों की कनाडा में मौजूदगी है और इनके द्वारा देश में किए गए इन्वेस्टमेंट की बात करें तो ये 40,446 करोड़ रुपये का है. इन कंपनियों के जरिए वहां पर करीब 17,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है. इन कंपनियों द्वारा R&D खर्च भी 700 मिलियन कैनेडियन डॉलर बताया गया था.
600 कनाडाई कंपनियों का भारत में बिजनेस
रिपोर्ट की मानें तो, करीब 600 कनाडाई कंपनियां भारत में अपने बिजनेस कर रही हैं और अगर आयात-निर्यात की बात करें, तो दोनों देशों के बीच बड़ा कारोबार होता है. वित्त वर्ष 2022-23 में India-Canada के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक व्यापार 8.3 अरब डॉलर था, जो FY2023-24 में बढ़कर 8.4 अरब डॉलर (करीब 70,611 करोड़ रुपये) हो गया. हालांकि, इस दौरान कनाडा से भारत का आयात बढ़कर 4.6 अरब डॉलर हो गया है, जबकि निर्यात में मामूली गिरावट दर्ज की गई है और ये 3.8 अरब डॉलर रह गया है.
एशिया पैसेफिक डॉट सीए की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2013 से 2023 तक, भारत में कनाडाई पेंशन फंड द्वारा किए गए इन्वेस्टमेंट में बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट (3.8 अरब कैनेडियन डॉलर से अधिक), फाइनेंशियल सर्विसेज (3 अरब कैनेडियन डॉलर से ज्यादा) और इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्टेशन (करीब 2.6 अरब कैनेडियन डॉलर) में था. इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएवल एनर्जी सेक्टर में भी बड़ी निवेश किया गया है.
किस-किस चीज का होता है कारोबार?
दोनों देशों के बीच आयात और निर्यात होने वाले सामानों के बारे में बात करें, तो भारत की ओर से कनाडा रत्न, ज्वेलरी और कीमती पत्थर, फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स, रेडीमेड कपड़े, मैकेनिकल अपलायंसेज, ऑर्गेनिक कैमिकल्स, लाइट इंजीनियरिंग सामान, आयरन और स्टील भेजा जाता है. वहीं दूसरी ओर भारत, कनाडा से कागज, लकड़ी का गूदा, एस्बेस्टस, पोटाश, आयरन स्क्रैप, कॉपर, मिनरल्स और इंडस्ट्रीयल केमिकल खरीदता है.