
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 फरवरी को समाप्त सप्ताह तक देश के विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी कर दिए हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार रफ्तार पकड़ रही है और लॉकडाउन से उस पर पड़े असर को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रही है.
16.9 करोड़ डॉलर का बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार उसकी मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखाता है. साथ ही उसके भुगतान संतुलन को भी दर्शाता है. RBI के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के हिसाब से देश का विदेशी मुद्रा भंडार 19 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 16.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 583.87 अरब डॉलर हो गया. इससे पिछले 12 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 583.69 अरब डॉलर था. इसमें देश के फॉरेन करेंसी एसेट (FCA), स्वर्ण भंडार और IMF से मिलने वाले SDR में आए बदलाव शामिल हैं.
FCA बढ़ने से बढ़ा भंडार
RBI के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षावधि में विदेशी मुद्रा एसेट (FCA) बढ़ने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त दर्ज की गई है. देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में FCA अहम हिस्सेदारी रखता है. समीक्षावधि में FCA 1.15 अरब डॉलर बढ़कर 542.106 अरब डॉलर हो गया. 12 फरवरी को समाप्त सप्ताह में एफसीए 540.951 अरब डॉलर रहा था. हालांकि FCA के आंकड़ों की गिनती डॉलर में होती है लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं.
IMF से मिले SDR में थोड़ी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से सदस्य देशों को एक विशेष आहरण अधिकार (SDR) मिलता है. इस बार समीक्षावधि में देश का SDR 40 लाख डॉलर की मामूली गिरावट के साथ 1.508 अरब डॉलर रह गया , जबकि IMF के पास रखा सुरक्षित विदेशी मुद्रा भंडार भी 40 लाख घटकर 5.002 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
घटा देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य
RBI देश के भुगतान संतुलन को बनाए रखने के लिए बड़ी मात्रा में स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) भी रखता है. इस बार देश का गोल्ड रिजर्व का मूल्य 97.7 करोड़ डॉलर घटकर 35.25 अरब डॉलर रह गया.
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