
भारतीय आईटी सेक्टर (IT Sector) इन दिनों एक नई समस्या The Great Resignation से परेशान है. TCS, Infosys और Wipro जैसी टॉप आईटी कंपनियां कर्मचारियों को अपने साथ जोड़े रख पाने में असफल हो रही हैं. इन कंपनियों में हाल के दिनों में Attrition Rate यानी नौकरी छोड़कर जाने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है. ये कंपनियां इसकी भरपाई के लिए बड़े स्तर पर फ्रेशर्स की हायरिंग (Freshers Hiring) कर रही हैं.
TCS में भी नहीं टिक पा रहे हैं लोग
तीनों टॉप भारतीय आईटी कंपनियों ने बुधवार को दिसंबर तिमाही का रिजल्ट जारी किया. इसमें कंपनियों ने बढ़ते Attrition Rate की जानकारी दी. नंबर वन भारतीय आईटी कंपनी टीसीएस में दिसंबर तिमाही में नौकरी छोड़कर जाने वालों की दर बढ़कर 15.3 फीसदी पर पहुंच गई. इससे एक तिमाही पहले यानी जुलाई-सितंबर 2021 के दौरान यह दर 11.9 फीसदी थी. टीसीएस के अनुसार यह रेट आईटी इंडस्ट्री में सबसे कम है, लेकिन इसके बाद भी इसे अच्छा नहीं कहा जा सकता है.
इंफोसिस की नौकरी सबसे ज्यादा छोड़ रहे IT Professional
इसी तरह दूसरे नंबर की भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस को देखें तो यहां समस्या अधिक ही गंभीर लगती है. इंफोसिस में दिसंबर तिमाही में लोगों के नौकरी छोड़ने की दर 25.5 फीसदी तक बढ़ गई. यह सितंबर 2021 तिमाही में 20.1 फीसदी थी. एक साल में इंफोसिस में नौकरी छोड़कर जाने की रफ्तार 11 फीसदी बढ़ी है. कंपनी इसकी भरपाई के लिए फ्रेशर्स हायर करने वाली है. कंपनी ने रिजल्ट में बताया कि वह 55 हजार फ्रेशर्स की भर्तियां करने वाली है.
Wipro का भी ठीक नहीं है हाल
तीसरे नंबर की विप्रो का हाल भी ठीक नहीं है. इस कंपनी में नौकरी छोड़कर जाने की रफ्तार सितंबर 2021 तिमाही में 20.5 फीसदी थी, जो दिसंबर 2021 तिमाही में 22.7 फीसदी पर पहुंच गई. विप्रो ने इसके असर को कम करने के लिए 30 हजार नए लोगों को भर्ती करने की योजना तैयार की है.
इतने नए लोगों की भर्तियां कर चुकीं ये कंपनियां
एक रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में तीनों टॉप आईटी कंपनियां 1.34 लाख से ज्यादा भर्तियां कर चुकी हैं. यह साल भर पहले की तुलना में करीब 4 गुना ज्यादा है. दिसंबर तिमाही में टीसीएस ने 34 हजार लोगों को हायर किया. इससे पहले अप्रैल से सितंबर के दौरान कंपनी ने 43 हजार भर्तियां की थी. कंपनी जनवरी-मार्च तिमाही में भी नए लोगों को भर्ती करने वाली है. इसी तरह अक्टूबर से दिसंबर के दौरान विप्रो में कर्मचारियों की संख्या करीब 10 हजार और इंफोसिस में करीब 15 हजार बढ़ी है.