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जल्द ही रिलायंस डिजिटल से TV-AC, फ्रिज समेत तमाम तरह के कंज्यूमर ड्यूरेबल आइटम्स की खरीदारी करने के लिए ग्राहकों को जियो फाइनेंशियल सर्विसेज से लोन मिलना शुरू हो सकता है. इसके लिए रिलायंस ने अपने कंज्यूमर ड्यूरेबल फाइनेंस प्रोग्राम की टेस्टिंग शुरू कर दी है.
इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद कंपनी इस साल की आखिरी तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) को लॉन्च कर सकती है. कंपनी रिलायंस डिजिटल से शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को फाइनेंस के बेहतर ऑप्शंस और ऑफर देना चाहती है, जिससे रिलायंस रिटेल का मुनाफा बढ़ाया जा सकेगा. रिलायंस डिजिटल के कई स्टोर्स पर पायलट प्रोजेक्ट के जरिए कंपनी अलग-अलग सामानों की खरीदारी करने वालों को दूसरे फाइनेंशियल संस्थानों और बैंको के साथ ही जियो फाइनेंस का भी विकल्प दे रही है. जियो की फाइनेंशियल सर्विसेज के आगाज के बाद बजाज फिनसर्व, HDFC बैंक समेत फाइनेंशियल सर्विस देने वाली कई कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलेगी.
फाइनेंशियल सर्विस बिजनेस के डीमर्जर के बाद नया प्लान
रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस स्ट्रैटजिक इन्वेस्टमेंट के डीमर्जर को करीब 2 महीने पहले 4 मई को क्रेडिटर्स और शेयरहोल्डर्स ने मंजूरी दी थी. इस डीमर्जर को शेयर-स्वैप अरेंजमेंट के जरिए किया जाएगा. डीमर्जर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स का नाम बदलकर जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड कर दिया जाएगा.
नई कंपनी के अक्टूबर तक स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने का अनुमान है. RIL के शेयरधारकों को उनके हरेक शेयर के लिए जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का एक शेयर मिलेगा. 2022 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को अलग करके एक अलग यूनिट बनाने और बाद में इसे स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करने का ऐलान किया था.
क्या है नई कंपनी का बिजनेस प्लान?
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की योजना कंज्यूमर और मर्चेंट लैंडिंग बिजनेस शुरू करने की है. ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मैक्वेरी ने बीते साल अपनी रिपोर्ट में रिलायंस के फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को मार्केट ग्रोथ के मामले में पेटीएम और दूसरी फिनटेक कंपनियों के लिए एक बड़ा खतरा बताया था. जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ज्यादातर फिनटेक से इसलिए अलग होगी क्योंकि इसकी डेटा तक बड़ी पहुंच है. ऐसे में जियो, अलीबाबा, अमेजन, एपल जैसी फाइनेंशियल सर्विसेज देने के लिए रियल टाइम में इस डेटा को प्रोसेस और एनालाइज कर सकती है.
फाइनेंशियल सर्विसेज में जियो से मिलेगी बड़ी चुनौती
डीमर्जर के बाद, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज देश की पांचवीं सबसे बड़ी फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी बन सकती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास एक NBFC लाइसेंस भी है जिसका फायदा कंपनी को कंज्यूमर या मर्चेंट लेंडिंग में मिलेगा. रिलायंस के फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट्स एंड होल्डिंग्स लिमिटेड, रिलायंस पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड, जियो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड, रिलांयस रिटेल फाइनेंस लिमिटेड, जियो इंफॉर्मेशन एग्रीगेटर सर्विसेज लिमिटेड और रिलायंस रिटेल इंश्योरेंस ब्रोकिंग लिमिटेड का निवेश है.