
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने सोमवार को अपने गृह राज्य राजस्थान के लिए अपनी कंपनी की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने आने वाले वर्षों में सीमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी, टेलीकॉम और रिटेल क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की.
'आने वाले वर्षों में करेंगे 50,000 करोड़ रुपये का निवेश'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 'राइजिंग राजस्थान समिट' को संबोधित करते हुए कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, 'अपने सभी व्यवसायों में, हम अपने निवेश को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मुझे उम्मीद है कि हमारा ग्रुप अगले कुछ वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगा.'
बिड़ला ग्रुप की जड़ें राजस्थान में बहुत पुरानी हैं. इस सफर की शुरुआत उद्योगपति और परिवार के मुखिया जीडी बिड़ला की जन्मस्थली पिलानी से शुरू हुई थी. कुमार मंगलम बिड़ला ने खुद को भारत और दुनिया में 'राजस्थान का राजदूत' बताया.
'पधारो म्हारे देश' से किया PM मोदी का स्वागत
बिड़ला ने पारंपरिक अंदाज में पीएम मोदी का स्वागत, 'पधारो म्हारे देश', से किया. उन्होंने कहा, 'पिलानी में अपनी जड़ों से, हम छह महाद्वीपों के 41 देशों में 65 बिलियन डॉलर के ग्लोबल ग्रुप के रूप में आगे बढ़े हैं. यह महसूस करना सुखद है कि यह यात्रा यहीं से शुरू हुई थी, यहां से सिर्फ 200 किमी दूर से.'
'छोटा सा स्कूल आज देश के टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में'
कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि उनके परिवार का राजस्थान से संबंध व्यवसाय से परे है. उन्होंने कहा, '20वीं सदी की शुरुआत में, मेरे परिवार द्वारा शुरू किया गया एक छोटा स्कूल आज भारत के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक, BITS Pilani, बन गया है.' उन्होंने कहा कि इस स्कूल ने हजारों नेता और उद्यमी पैदा किए हैं जिन्होंने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.
बिड़ला ने कहा कि इसके 6,500 से अधिक पूर्व छात्र दुनिया भर में स्टार्टअप्स के फाउंडर या को-फाउंडर हैं, इनमें से 13 उद्यम यूनिकॉर्न या डेकाकॉर्न बन गए हैं.
'राजस्थान में समूह के छह व्यवसाय मौजूद'
बिड़ला ने कहा कि ग्रुप के छह व्यवसाय आज राजस्थान में मौजूद हैं, जिनमें 25,000 से अधिक लोग कार्यरत थे. अकेले राजस्थान में अल्ट्राटेक सीमेंट की क्षमता 20 मिलियन टन से अधिक है- जो यूके की कुल सीमेंट क्षमता से अधिक है. समूह की दूरसंचार शाखा राज्य में लगभग 80 लाख ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है, जिसमें 11,000 टेलीकॉम साइट्स और 10,500 किमी ऑप्टिक फाइबर केबल शामिल है.