
देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC ने हाल में अपने आईपीओ (IPO) का ड्राफ्ट पेपर (LIC IPO DRHP) सेबी के पास जमा किया है. अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर में इंश्योरेंस कंपनी ने बताया है कि 30 सितंबर, 2021 तक उसके पास 21,539.5 करोड़ रुपये की Unclaimed रकम थी. यह रकम कई मंत्रालयों के बजट और कई कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से ज्यादा है. इसी वजह से LIC अब अपने पॉलिसीहोल्डर्स से आसान क्लेम प्रोसेस के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट कराने को कह रही है.
ये बात है आपके काम की
अगर आपके पास LIC की कोई पॉलिसी है तो आप इस बात से अवगत होंगे कि आपकी पॉलिसी के क्लेम सेटलमेंट का पैसा सीधा आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा. ऐसे में पॉलिसी होल्डर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इंश्योरेंस कंपनी को सही बैंक डिटेल्स दें. इससे LIC को NEFT के जरिए क्लेम सेटलमेंट की राशि आपके खाते में भेजने में किसी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा.
LIC ने अपने लेटेस्ट विज्ञापन में कही ये बात
इंश्योरेंस कंपनी ने अपने लेटेस्ट विज्ञापन में अपने पॉलिसी होल्डर्स से बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट करने को कहा है ताकि क्लेम प्रोसेस में किसी तरह की दिक्कत ना आए.
विज्ञापन में यह विवरण दिया गया हैः
"पॉलिसी होल्डर्स कृपया ध्यान देंः हमें समय पर क्लेम सेटल करने में मदद कीजिए. कृपया मेच्योरिटी डेट या सर्वाइवल बेनिफिट के लिए अपना पॉलिसी डॉक्युमेंट देखिए. इसके बाद डिटेल्स के साथ किसी भी ब्रांच से संपर्क कीजिए. अपना बैंक अकाउंट (एनईएफटी) डिटेल्स उपलब्ध कराइए. NEFT Mandate Form हर ऑफिस में अवेलेबल है. इसे LIC की वेबसाइट www.licindia.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है."
इंश्योरेंस कंपनी ने बताया है कि NEFT डिटेल्स ऑनलाइन भी सबमिट किया जा सकता है. इसके साथ क्लेम डिस्चार्ज फॉर्म और पॉलिसी डॉक्युमेंट सबमिट कीजिए. इसके साथ ही केवाईसी सबमिट कीजिए और अपना आवासीय पता, फोन नंबर/ मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी इत्यादि अपडेट करिए.
बैंकों के पास भी हैं Unclaimed Amount
LIC के साथ-साथ बैंकों के पास भी 24,356 करोड़ रुपये का Unclaimed Amount है. इसके साथ ही स्टॉक मार्केट में निवेश से जुड़े करोड़ों रुपये हैं, जिनका कोई दावेदार नहीं है.