
देश के सबसे बड़े आईपीओ (LIC IPO) के बाद सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के शेयर (LIC Share Listing) कल मंगलवार को बाजार में लिस्ट होने वाले हैं. रिकॉर्ड 6 दिनों तक खुले रहे एलआईसी के आईपीओ को लगभग हर कैटेगरी में बढ़िया रिस्पॉन्स मिला. बीते सप्ताह एलआईसी के शेयर भी अलॉट (LIC IPO Share Allotment) हो गए. जिन्हें शेयर मिले हैं, उनके डीमैट अकाउंट (Demat Account) में आज यानी सोमवार को शेयर क्रेडिट हो जाएंगे. हालांकि आईपीओ में सफल हुए इन्वेस्टर्स के लिए लिस्टिंग से पहले एक बुरी खबर है. ग्रे मार्केट में एलआईसी आईपीओ का प्रीमियम (LIC IPO GMP) लिस्टिंग से पहले और गिर गया है, जिससे डिस्काउंट पर लिस्टिंग के संकेत मिल रहे हैं.
लिस्टिंग से पहले इतना गिर चुका जीएमपी
लिस्टिंग से एक दिन पहले सोमवार को एलआईसी आईपीओ का जीएमपी शून्य से 25 रुपये तक नीचे गिर चुका है. एक समय यह ग्रे मार्केट में 92 रुपये के प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा था. टॉप शेयर ब्रोकर (Top Share Broker) के आंकड़ों के अनुसार, अभी एलआईसी आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (LIC Grey Market Premium) शून्य से 15 रुपये नीचे है. वहीं आईपीओ वॉच (IPO Watch) पर एलआईसी आईपीओ का जीएमपी निगेटिव में 25 रुपये तक जा चुका है. जीएमपी से इसी बात का इशारा मिल रहा है कि इन्वेस्टर्स को पहले ही दिन नुकसान उठाना पड़ सकता है.
एलआईसी के आईपीओ को मिला ऐसा रिस्पॉन्स
आपको बता दें कि देश के सबसे बड़े आईपीओ में 16,20,78,067 शेयर ऑफर किए गए थे और इनके लिए 47,83,25,760 बोलियां प्राप्त हुईं. पॉलिसी होल्डर्स की कैटेगरी में आईपीओ को 6.12 गुना सब्सक्राइब किया गया. इसी तरह एलआईसी के कर्मचारियों (LIC Employees) के लिए रिजर्व रखे गए हिस्से को 4.4 गुना सब्सक्राइब किया गया. रिटेल इन्वेस्टर्स (Retail Investors) का हिस्सा भी 1.99 गुना सब्सक्राइब किया गया. इनके अलावा QIB के लिए रखे गए हिस्से को 2.83 गुना और NII के हिस्से को 2.91 गुना सब्सक्राइब किया गया. कुल मिलाकर एलआईसी आईपीओ को 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला.
LIC बन जाएगी पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी
बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद भी एलआईसी का मार्केट कैप (LIC MCap) 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने के संकेत मिल रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो एलआईसी बाजार में लिस्ट होते ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी पब्लिक कंपनी बन जाएगी. मार्केट कैप (Market Cap) यानी वैल्यूएशन (Valuation) के लिहाज से सरकारी बीमा कंपनी से आगे सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries Ltd), टीसीएस (TCS), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और इंफोसिस (Infosys) ही रहेंगी.