
आखिरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC Share ) के शेयर की गिरावट का सिलसिला 10 दिनों के बाद थमा और शेयर होल्डरों (LIC Share Holders) ने राहत की सांस ली. देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC का शेयर मंगलवार की सुबह शुरुआती कारोबार में ही दो फीसदी उछलकर 684 रुपये के पार पहुंच गया. सोमवार को एंकर निवेशकों के लिए 30 दिनों का लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद LIC का शेयर में भारी गिरावट आई थी. हालांकि, आज LIC का शेयर 675.80 पर बंद हुआ, जबकि सोमवार को 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 668.25 रुपये पर क्लोज हुआ था.
मार्केट कैपिटल में भारी गिरावट
LIC अब तक अपने इश्यू प्राइस से करीब 28 फीसदी गिर चुका है. इसका इश्यू प्राइस 949 रुपये था. एलाईसी के खराब प्रदर्शन की वजह से इसके मार्केट कैपिटल में भारी गिरावट आई है. LIC का कुल मार्केट कैप मंगलवार को करीब 1.73 लाख करोड़ रुपये घटकर 4.27 लाख करोड़ रुपये रह गया है. आईपीओ के समय इसकी कीमत 6 लाख करोड़ रुपये थी.
चिंतित है सरकार
DIPAM के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा कि सरकार एलआईसी के शेयर की कीमत में आई गिरावट को लेकर चिंतित है. लोगों को बुनियादी बातों को समझने में समय लगेगा. एलआईसी प्रबंधन इन सभी पहलुओं पर गौर करेगा और शेयरधारकों के मूल्य को बढ़ाएगा. LIC के आईपीओ की लिस्टिंग 17 मई को हुई थी.
1.7 लाख करोड़ स्वाहा
एलआईसी के शेयरों में गिरावट की वजह से पॉलिसीधारकों और रिटेलर्स को भी भारी नुकसान हुआ. लिस्टिंग के दौरान उन्हें इश्यू प्राइस पर 60 रुपये और 45 रुपये की छूट मिली थी. लेकिन शेयर के लगातार गिरावट की वजह से अब तक निवेशकों की 1.7 लाख करोड़ से अधिक की रकम स्वाहा हो चुकी है. एक समय यह 663.95 रुपये के ऑल टाइम लो (all time low) तक पहुंच गया था.
गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
शेयर बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ बंद हुआ. भारी उतार-चढ़ाव के बीच बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 153.13 अंक गिरकर 52693.57 पर बंद हुआ और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 42.30 अंक लुढ़क कर 15732.10 पर क्लोज हुआ. अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद भारतीय बाजार में गिरावट आई है.
हालांकि, आज गिरावट के साथ खुलने के बावजूद सेंसेक्स सेंसेक्स 150 अंक चढ़कर 53,000 के पार पहुंचा, लेकिन इस रिकवरी को वो कायम नहीं रख पाया. बीएसई पर कुल 37 शेयरों ने 52-सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ, जबकि 139 शेयर इंट्राडे में 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए.