
अगर आप लोन की ब्याज दर के कम होने का इंतजार कर रहे हैं तो आपके लिए 9 अक्टूबर का दिन अहम हो सकता है. दरअसल, केंद्रीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को कहा कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक सात अक्टूबर से शुरू होगी. इस बैठक के नतीजे 9 अक्टूबर आने वाले हैं.
फेस्टिव सीजन को देखते हुए ये बैठक काफी अहम है. इस दिन रेपो रेट के जरिए ये तय हो जाएगा कि लोन की ब्याज दर में कटौती होगी या नहीं. त्योहारी सीजन में लोग बड़े पैमाने पर लोन लेकर कार या घर की खरीदारी करते हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बार आरबीआई ऐसे लोगों को तोहफा दे सकता है.
आरबीआई गवर्नर ने संकेत दिए थे
बीते दिनों आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट कटौती के संकेत दिए थे. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि कोविड-19 महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए किए गए उपायों को जल्द नहीं हटाया जाएगा. जरूरत पड़ने पर जरूरी फैसले लिए जाएंगे. आपको बता दें कि आरबीआई ने छह अगस्त को जारी नीतिगत समीक्षा में रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. केंद्रीय बैंक इससे पहले पिछली दो बैठकों में नीतिगत दर में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है. फिलहाल रेपो दर चार प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत है.
28 सितंबर को थी बैठक
रिजर्व बैंक ने 28 सितंबर को एमपीसी की बैठक को आगे के लिए टाल दिया था. समिति में स्वतंत्र सदस्यों की नियुक्ति में देरी के कारण बैठक को आगे टालना पड़ा. सरकार ने एमपीसी में तीन सदस्यों की नियुक्ति कर दी है. तीन जाने माने अर्थशास्त्रियों अशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को एमपीसी का सदस्य नियुक्त किया गया है. इन सदस्यों की नियुक्ति चेतन घाटे, पामी दुआ, रविन्द्र ढोलकिया के स्थान पर की गई है. इनका कार्यकाल सितंबर में पूरा हो गया था.