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SenseHawk Inc Deal: अब इस अमेरिकी कंपनी के मालिक बनेंगे मुकेश अंबानी, 255 करोड़ रुपये में खरीदी

Mukesh Ambani Big Deal: सेंसहॉक की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी. कैलिफोर्निया स्थित यह कंपनी सौर ऊर्जा उत्पादन से जुड़े सॉफ्टवेयर आधारित मैनेजमेंट टूल्स तैयार करती है. इसके अलावा सौर ऊर्जा कंपनियों के प्रोसेस को आसान बनाकर प्लानिंग से लेकर सौर ऊर्जा के उत्पादन को गति देने का काम में सक्रिय है.

इस अमेरिकी कंपनी के मालिक बनेंगे Mukesh Ambani इस अमेरिकी कंपनी के मालिक बनेंगे Mukesh Ambani
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की खरीदारी जारी है और वे एक के बाद एक कंपनियों को अपना बनाते जा रहे हैं. उनके पोर्टफोलियो में एक और बड़ी अमेरिकी कंपनी जुड़ने वाली है. RIL ने यूएस बेस्ड सॉफ्टवेयर डेवलपर सेंसहॉक इंक (SenseHawk Inc) के लिए 32 मिलियन डॉलर में डील की है. इसके जरिए अंबानी कंपनी में 79.4 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदेंगे. 

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डील से शेयरों में आया उछाल
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) अपनी सौर ऊर्जा योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आगे बढ़ रहे हैं. मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसने अमेरिकी कंपनी SenseHawk Inc में बहुसंख्यक हिस्सेदारी हासिल करने के लिए 32 मिलियन डॉलर (करीब 255 करोड़ रुपये) के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

इस डील के बाद शेयर बाजार (Stock Market) में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों (RIL Share) में उछाल देखने को मिला. खबर लिखे जाने तक रिलायंस के शेयर 1 फीसदी से अधिक बढ़कर 2,598 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. 

मुकेश अंबानी ने बताया अपना विजन
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन (Reliance Chairman) और एमडी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने इस डील को लेकर कहा कि हम अपने रिलायंस परिवार में सेंसहॉक (SenseHawk) और इसकी गतिशील टीम का स्वागत करते हैं. आरआईएल हरित ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने अपना विजन बताते हुए कहा कि साल 2030 तक उनकी कंपनी नवीकरणीय स्रोतों से कम से कम 100 गीगावाट विद्युत का उत्पादन करेगी या उत्पादन की क्षमता हासिल करेगी, जिसे कार्बन मुक्त ग्रीन हाइड्रोजन में बदला जा सकेगा.

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इस डील से होगा ये बड़ा फायदा
मुकेश अंबानी ने आगे कहा कि सेंसहॉक के सहयोग से हम वैश्विक स्तर पर सौर परियोजनाओं के लिए लागत कम करेंगे, उत्पादकता बढ़ाएंगे और प्रदर्शन में सुधार करेंगे. उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही रोमांचक टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म है और मुझे पूरा भरोसा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के समर्थन से सेंसहॉक कई गुना वृद्धि करेगा. नियामक फाइलिंग के अनुसार, यह डील 2022 खत्म होने से पहले ही पूरा होने की उम्मीद है.

क्या काम करती है सेंसहॉक?
सेंसहॉक की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी. कैलिफोर्निया स्थित यह यह कंपनी सौर ऊर्जा उत्पादन से जुड़े सॉफ्टवेयर (Software) आधारित मैनेजमेंट टूल्स (Management Tools) तैयार करती है.  सेंसहॉक सौर ऊर्जा कंपनियों के प्रोसेस को आसान बनाकर प्लानिंग से लेकर सौर ऊर्जा के उत्पादन को गति देने का काम में सक्रिय है. यह कंपनी एंड टू एंड सोलर असेट लाइफसाइकिल को मैनेज करने के लिए सोलर डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है.

 


 

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