
महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के प्रमुख आनंद महिन्द्रा (Anand Mahindra) ने बुधवार को ‘The Wallet Experiment' की जानकारी शेयर की. किसी शहर की ईमानदारी को परखने के लिए किए गए इस सोशल एक्सपेरिमेंट में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई दुनिया का दूसरा सबसे ईमानदार शहर बना है.
क्या है ‘The Wallet Experiment’
रीडर्स डाइजेस्ट ये जानना चाहती थी कि दुनिया के कौन से शहर का कैरेक्टर कितना ईमानदार है. इसलिए उसने ‘The Wallet Experiment को अंजाम दिया. इस सोशल एक्सपेरिमेंट के तहत रीडर्स डाइजेस्ट ने दुनिया के 16 बड़े शहरों में कुल 192 वॉलेट यानी कि बटुओं को जानबूझकर गुमा दिया. इस तरह लगभग हर शहर में 12 बटुए गुमाए गए.
बटुओं में रखे गए 50 डॉलर
इन सभी बटुओं में एक व्यक्ति का नाम, पता, फोन नंबर, परिवार का फोटो, कूपन और बिजनेस कार्ड रखे गए. साथ में स्थानीय मुद्रा के हिसाब से 50 डॉलर (करीब 3,600 रुपये) की रकम भी रखी गई, और इंतजार किया गया कि किस शहर में कितने बटुए वापस मिले.
मुंबई दूसरा ईमानदार शहर
इस सोशल एक्सपेरिमेंट में मुंबई में 12 बटुओं में से 9 बटुए वापस आए और वो दुनिया का दूसरा सबसे ईमानदार शहर बन गया. वहीं फिनलैंड के हेलसिंकी शहर में 12 में से 11 बटुए सही सलामत वापस पहुंच गए और वो दुनिया का सबसे ईमानदार शहर पाया गया.
वहीं इस लिस्ट में न्यूयॉर्क और बुडापेस्ट में 12 में से 8, मॉस्को और एम्सटर्डम में 7, बर्लिन और ल्यूबलियाना में 6, लंदन और वर्साय में 5 बटुए ही वापस आए.
लिस्ट में सबसे नीचे ये शहर
पुर्तगाल के लिस्बन शहर में 12 में से सिर्फ एक बटुआ ही वापस आया. इस तरह वो इस लिस्ट में सबसे नीचे रहा. वहीं ब्राजील के रियो डि जिनेरियो, स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख और रोमानिया के बुकारेस्ट में 12 में से 4, चेक रिपब्लिक के प्राग में 3 एवं स्पेन के मैड्रिड में 2 बटुए ही वापस लौटे.
आनंद महिन्द्रा का ट्वीट
इस जानकारी को शेयर करते हुए आनंद महिन्द्रा ने ट्वीट (Anand Mahindra Tweet) किया कि उनके लिए ये बिलकुल भी अचंभित करने वाला नहीं है. बल्कि इस परिणाम ने उन्हें संतोष से भर दिया है. और अगर संबंधित शहरों के लोगों की आय से मुंबई वालों की तुलना की जाए तो ये और भी सम्मानजनक है.
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