
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पहली फरवरी को पेश किए गए बजट 2025 (Budget 2025) ने नए इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill) को लाने का ऐलान किया था और अब इसे लेकर बड़ा अपडेट आ गया है. बीते शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस नये आयकर विधेयक 2025 को मंजूरी मिल चुकी है और वित्त मंत्री ने शनिवार को ऐलान किया कि ये नया बिल चालू सत्र में ही अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा. आइए जानते हैं कि इससे आम करदाताओं पर क्या असर पड़ने वाला है?
चालू बजट सत्र में ही होगा पेश
सबसे पहले बात कर लेते हैं कि New Tax Bill को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आखिर क्या कहा? तो बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इसे मौजूदा बजट सत्र में ही संसद में पेश किया जाएगा, जिसके बाद संसदीय समिति इसकी समीक्षा करेगी. बता दें कि संसद में चालू बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होने वाला है. शनिवार को वित्त मंत्री ने रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के साथ बैठक के बाद नए टैक्स बिल को लेकर ये अपडेट दिया है.
63 साल बाद न्यू टैक्स बिल
गौरतलब है कि देश में नया इनकम टैक्स अधिनियम 63 साल के बाद लागू होगा और New Income Tax Bill मौजूदा इनकम टैक्स अधिनियम 1961 की जगह लेगा, जो 1 अप्रैल 1962 से ही प्रभावी है. टैक्स बिल की समीक्षा का उद्देश्य इनकम टैक्स से जुड़े कानूनों को सरल बनाना है, ताकि आम टैक्सपेयर्स के लिए ये ज्यादा संक्षिप्त और समझने में आसान हो. मतलब साफ है कि इनकम टैक्स में अपनी लायबलिटी समझने के लिए किसी टैक्सपेयर को सीए या अन्य किसी वकील के पास न दौड़ना पड़े और वो इसे आसानी से समझकर अपनी आमदनी के मुताबिक टैक्स कैलकुलेशन कर सके.
नए टैक्स बिल में क्या-क्या बदलेगा?
अब नये आयकर कानून को बजट सत्र के दौरान संसद में पेश किए जाने का रास्ता साफ हो गया है और कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो इसे सोमवार को पेश किया जा सकता है. अगर बात करें, न्यू टैक्स बिल से क्या-क्या बदलेगा? तो बता दें कि सरकार का मकसद आम टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स कानून (Tax Act) को समझने योग्य बनाना है और इससे जुड़ी जटिलताओं को खत्म करना है.
नए आयकर कानून में क्या बदलाव संभव?
टैक्सपेयर्स को CA के पास नहीं जाना होगा!
क्लियरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट शेफाली मुंदड़ा की मानें तो नए आयकर विधेयक 2025 में मौजूदा इनकम टैक्स कानून की तुलना में कम प्रावधान होंगे या कहें को इसके लगभग आधे प्रावधान ही होंगे, जिसके चलते टैक्सपेयर्स के लिए इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाएगा और इसके अनुपालन में भी आसानी होगी.
उन्होंने आगे कहा कि देश में जो मौजूदा आयकर अधिनियम है, उसे काफी जटिल माना जाता है और कई टैक्सपेयर्स को इसे समझने के लिए पेशवर चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास जाना होता है. न्यू टैक्स बिल इसी परेशानी के समाधान के लिए सरल भाषा में तैयार किया गया है इससे टैक्सपेयर्स के लिए मौजूदा कटौतियों और छूटों की संख्या को न्यूनतम करके कर ढांचे को सरल बनाने की उम्मीद है.
किसी नए टैक्स का बोझ नहीं
सरकार की ओर से पहले ही साफ किया जा चुका है कि New Income Tax Bill में किसी पर कोई भी नया टैक्स बर्डन नहीं डाला जाने वाला है. बजट 2025 में टैक्स स्लैब में जो चेंज किए गए हैं, वो इसमें शामिल होंगे. नए बिल में गैर-जरूरी शब्दों को हटाया जाएगा. इसके अलावा मौजूदा टैक्स अधिनियम के सरलीकरण से आम टैक्सपेयर्स या फिर बिजनेस के लिए मुकदमेबाजी का बोझ काफी कम होने की उम्मीद है.