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Indian Economy: 14 साल बाद इस एजेंसी ने बदला नजरिया... वित्त मंत्री बोलीं- 'सही ट्रैक पर दौड़ रही इंडियन इकोनॉमी'

अमेरिकी रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने भारत के आउटलुक में 2010 के बाद बदलाव करते हुए इसे स्थिर से पॉजिटिव कर दिया है. इस गुड न्यूज को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने ट्विटर (अब X) हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि देश तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की राह पर है.

दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है भारत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी बनी हुई है और इस पर तमाम ग्लोबल एजेंसियों ने अपनी मुहर लगाई है. हाल ही में अमेरिकी रेटिंग एजेंसी एसएंडपी (S&P) ने 14 साल के बाद भारत के आउटलुक में चेंज करते हुए इसे स्थिर से पॉजिटिव में तब्दील कर बड़ी लोकसभा इलेक्शन के बीच (Lok Sabha Election 2024) बड़ी खुशखबरी (Good News For India) दी है. बता दें कि अंतिम चरण का मतदान बाकी है और आने वाली 4 जून को चुनाव नतीजे (Election Results) आने वाले हैं. 

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चुनाव से पहले इंडियन इकोनॉमी के लिए आई इस गुड न्यूज के बाद देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है. 

14 साल बाद भारत को लेकर बदला नजरिया  
सबसे पहले बात कर लेते हैं कि 14 साल बाद एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) द्वारा भारत को लेकर नजरिए में हुए बदलाव के बारे में, तो बता दें कि रेटिंग एजेंसी ने India Outlook Rating को स्थिर से पॉजिटिव कर दिया है. इससे पहले आखिरी बार साल 2010 में इस रेटिंग को बदला गया था और तब एजेंसी ने रेटिंग परिदृश्य को नेगेटिव से बढ़ाकर स्टेबल किया था. दरअसल, कोरोना काल (Corona Pandemic) के बाद इंडियन इकोनॉमी ने जोरदार वापसी करते हुए सभी को चौंकाया है और इसकी रफ्तार अभी भी बरकरार है. यह भी एक वजह है कि रेटिंग एजेंसी ने करीब 14 साल बाद भारत की आउटलुक रेटिंग में बदलाव किया है. 

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यही नहीं अपनी रिपोर्ट में एसएंडपी ने कहा कि अगर भारत सतर्क राजकोषीय और मौद्रिक नीति को अपनाता है, जिससे सरकार के बढ़े हुए कर्ज और ब्याज का बोझ कम होता है, तो वह अगले दो साल में भारत की साख को बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. अमेरिकी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि भारत का राजकोषीय घाटा सार्थक रूप से कम होता है और जीडीपी के 7 फीसदी से नीचे आ जाता है, तो वह रेटिंग बढ़ा सकती है.

भारत की ग्रोथ को दर्शाती रेटिंग 
S&P Global द्वारा भारत की आउटलुक रेटिंग में बदलाव को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भारत के आशाजनक आर्थिक दृष्टिकोण का उदाहरण करार दिया है. वित्त मंत्री ने अपने ट्विटर (अब X) हैंडल पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि 'एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के जरिए भारत के लिए अपने दृष्टिकोण को 'स्थिर' से 'पॉजिटिव' में लाना एक स्वागत योग्य कदम है. यह भारत के ठोस विकास प्रदर्शन और आने वाले वर्षों के लिए एक आशाजनक आर्थिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है. 

विकसित भारत बनने की राह पर भारत
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा कि जिस रफ्तार से भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रह है और ग्लोबल एजेंसियां देश की रेटिंग में सकारात्मक बदलाव कर रही हैं, सरकार के तीसरे कार्यकाल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश साल 2047 तक 'विकसित भारत' बनने की राह पर है. गौरतलब है कि वर्ल्ड बैंक (World Bank) से लेकर आईएमएफ (IMF) समेत तमाम एजेंसियों ने भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान को हाल ही में बढ़ाया है. S&P ने भी आउटलुक चेंज करने से पहले FY25 के लिए इंडियन इकोनॉमी के ग्रोथ के अनुमान को 6.4 फीसदी से बढ़ाकर 6.8 फीसदी किया था. 

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