PAK ने फिर बंद किया एयरस्‍पेस, 2019 में भारत को हुआ था 700 करोड़ का नुकसान... जानिए अब क्या है विकल्प

एयरलाइंस ने नोटिफिकेशन जारी किया और बताया कि अब इंटरनेशल फ्लाइट्स (International Flights from India) के लिए किसी और रूट से जाना होगा. जिस कारण थोड़ी दूरी लंबी हो सकती है. एयरलाइंस ने बताया था कि फ्लाइट्स में देरी और आवागमन में बदलाव होगा. आइए जानते हैं किन रूट के लिए किराया महंगा हो सकता है. 

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Indian Airlines on Pakistani Airspace Block Indian Airlines on Pakistani Airspace Block

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 25 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:34 PM IST

आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्‍तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए. भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया. अटारी बॉर्डर को बंद कर दिया और भारत में रह रहे नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश जारी किया. जिसके बाद पाकिस्‍तान के साथ तनाव बढ़ गया है. हड़बड़ाहट में भारत की नकल करते हुए पाकिस्‍तान ने वाघा बॉर्डर को बंद किया और शिमला संधि को रद्द किया. वहीं भारतीय उड़ानों (Indian Flights) के लिए अपना एयर स्‍पेस को भी क्‍लोज कर दिया. 

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इस खबर के आने के बाद भारतीय एयरलाइंस ने नोटिफिकेशन जारी किया और बताया कि अब इंटरनेशल फ्लाइट्स (International Flights from India) के लिए किसी और रूट से जाना होगा. जिस कारण थोड़ी दूरी लंबी हो सकती है. एयरलाइंस ने बताया था कि फ्लाइट्स में देरी और आवागमन में बदलाव होगा. आइए जानते हैं किन रूट के लिए किराया महंगा हो सकता है. 

किन रूट्स के लिए बढ़ेगा किराया 
एयरलाइंस ने बिजनेस टुडे को बताया है कि इसके बंद होने से भारत से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के लिए फ्लाइट्स की टाइमिंग, रूट और लागत पर असर होगा. एयरलाइन अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्‍तानी एयर स्‍पेस बंद (Pakistani Air Space Block) होने के कारण भारत से यूरोप और US के लिए फ्लाइट्स रूट और अवधि में बढ़ोतरी होगी. 

यहां से फ्लाइट्स होंगी ज्‍यादा प्रभावित 
एयलाइंस अधिकारियों ने कहा कि हम मौजूदा समय में वैकल्पिक मार्गों की तलाश कर रहे हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे मुख्य जगहों से यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए जाने वाली फ्लाइट्स में रुकावट देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, मध्य पूर्व की कुछ उड़ानें भी प्रभावित होंगी. परिचालन लागत में बढ़ोतरी के कारण हवाई किराए में बढ़ोतरी (Air Fare Increase) होने की संभावना है.

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उद्योग का मानना है कि लंबी यात्राओं का मतलब है ईंधन की खपत में वृद्धि और परिचालन लागत में वृद्धि, जिसके कारण आने वाले दिनों में एयरलाइन्स कम्पनियां संभवतः किराया बढ़ा सकती हैं.

2019 में क्या हुआ था?
गौरतलब है कि साल 2019 में हवाई क्षेत्र बंद होने से एयरलाइंस को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था, जिसमें यात्रियों को 8% से लेकर 40% तक के किराए में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा था.

दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख केंद्रों से उड़ान भरने वाली उड़ानों पर विशेष रूप से असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि पश्चिम की ओर जाने से पहले उन्हें गुजरात या महाराष्ट्र से होकर अपने मार्ग बढ़ाने होंगे, जिससे यात्रियों को असुविधा होगी और एयरलाइनों के लिए परिचालन संबंधी तनाव बढ़ेगा.

एक दिन पहले इंडिगो और एयर इंडिया ने दी थी जानकारी 
Indigo और Air India ने पहले ही यात्रियों को इसकी जानकारी दी है और सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से बताया है कि कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स को 'अल्‍टरनेटिव लॉग रूट' लेने के कारण बदलाव का सामना करना पड़ेगा.

आकासा एयर ने क्‍या कहा? 
अकासा एयर ने कहा कि उसने एक्टिव रूप से उन फ्लाइट्स का रूट बदलने का फैसला किया है, जो आमतौर पर पाकिस्तानी एयर स्‍पेस (Pakistani Air Space Block) से गुजरती हैं. एयरलाइन ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि हमारे परिचालन पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा और इससे हमारे यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी.' 

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एयरलाइंस बढ़ा सकती हैं किराया? 
इंडिगो ने पुष्टि की है कि हमारी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं और वह यात्रियों को री-बुकिंग या रिफंड के लचीले विकल्प की पेशकश कर रही है. एयर इंडिया ने कहा कि उत्तरी अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और मध्य पूर्व के लिए जाने वाली कई उड़ानें लंबे मार्ग से चलेंगी. सूत्रों का कहना है कि लंबी यात्राओं का मतलब है ईंधन की खपत में वृद्धि और परिचालन लागत में वृद्धि, जिसके कारण आने वाले दिनों में एयरलाइन्स कंपनियां संभवतः किराया बढ़ा सकती हैं.

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