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Pakistan Crisis: पाकिस्तान में हाहाकार... सिलेंडर 3000 में, पेट्रोल 300 के पार, भारत से क्या करेगा मुकाबला?

Pakistan Inflation Rise In September : पाकिस्तान में खाद्य महंगाई दर साल-दर-साल वृद्धि के साथ 33.1 फीसदी पर पहुंच गई है. वहीं सितंबर महीने में शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर बढ़कर 29.7 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र की महंगाई दर 33.9 फीसदी हो गई है.

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा की कीमतों में उछाल से महंगाई में इजाफा पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल और ऊर्जा की कीमतों में उछाल से महंगाई में इजाफा
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 5:02 PM IST

अपने इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan Economic Crisis) में हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं. देश में महंगाई (Pakistan Inflation) ने फिर से छलांग लगाना शुरू कर दिया है और अगस्त की तुलना में सितंबर 2023 में ये फिर से 30 फीसदी के पार निकल गई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा 3 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मंजूरी के बाद भी देश की कार्यवाहक सरकार महंगाई काबू करने में नाकाम साबित हो रही है. 

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सितंबर में यहां पहुंची महंगाई दर
सबसे पहले बात कर लेते हैं पाकिस्तान में सितंबर महीने में आए महंगाई दर के आंकड़ों की, तो देश में सालाना आधार पर महंगाई दर (Pakistan Annual Inflation Rate) सितंबर में बढ़कर 31.4 फीसदी के हाई लेवल पर पहुंच गई है. इससे पिछले महीने अगस्त में ये 27.4 फीसदी पर थी. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दाम और ऊर्जा की कीमतों में आए उछाल के चलते महंगाई दर में इजाफा हुआ है. देश में खाद्य महंगाई दर साल-दर-साल वृद्धि के साथ 33.1 फीसदी पर पहुंच गई है. वहीं सितंबर महीने में शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर बढ़कर 29.7 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र की महंगाई दर 33.9 फीसदी हो गई है. 

सालाना आधार पर बढ़ी महंगाई के ताजा आंकड़े

मादक पेय और तम्बाकू                           87.45%
एंटरटेंनमेंट और संस्कृति                          58.77%
फर्निशिंग और हाउसहोल्ड मेंटिनेंस            39.32%
न खराब होने वाले खाद्य पदार्थ                  38.41%
रेस्तरां और होटल                                   34.3%
ट्रांसपोर्टेशन                                          31.26%
हाउसिंग                                               29.7%
हेल्थ सर्विसेज                                        25.28%
कपड़े और जूते                                     20.55%
एजुकेशन                                            11.12%
टेलीकम्युनिकेशन                                  7.42%
खराब होने वाले खाद्य पदार्थ                    4.37%

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दिवालियापन से बचा, लेकिन जनता त्रस्त
पाकिस्तान के सामने बीते दिनों तक दिवालिया (Default) होने का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन IMF ने 3 अरब डॉलर की मदद देकर देश को दिवालिया होने से बचा लिया. लेकिन, आईएमएफ ने पाकिस्तान पर कई कड़ी शर्तें लगाईं, जिनमें से एक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (Petrol-Diesel Price Rise) की शर्त भी थी. इस क्रम में सरकार ने एक के बाद एक ईंधन की कीमतों कई बढ़ोतरी कीं. इसका असर महंगाई दर के आंकड़ों पर पड़ा और ये बढ़ती गई. मई महीने में तो Pakistan Inflation 38 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी. पॉलिसी रेट भी 22 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. 

महंगाई की मार से तड़प रही जनता
देश में लगातार खराब होते आर्थिक हालात के चलते देश की जनता का हाल बीते महीनों से लगातार सोशल मीडिया पर सुर्खियों में रहा है. देश में महंगाई का आलम क्या है इसका अंदाजा पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लगाया जा सकता है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत (Petrol Price In Pakistan) 331.38 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत बढ़कर 329.18 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं एलपीजी का दाम (LPG Price In Pakistan) 260.98 रुपये प्रति किलो हो गया है. घरेलू सिलेंडर की कीमत पाकिस्तान में 3079.64 रुपये चल रही है.

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भारत की तुलना में 5गुना ज्यादा महंगाई
महंगाई के मोर्चे पर पाकिस्तान की तुलना भारत से करें, तो ये करीब पांच गुना ज्यादा है. अगस्त महीने में भारत में खुदरा महंगाई दर (CPI) जुलाई में 7.44 फीसदी की तुलना में घटकर 6.83 फीसदी पर आ गई थी. हालांकि, सितंबर महीने के आंकड़े कुछ दिनों में जारी किए जाएंगे. हालांकि, अभी भी ये आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय किए गए 6 फीसदी के दायरे से ऊपर बना हुआ है. अगस्त महीने में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर (Food Inflation Rate) में जुलाई के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है और ये 10 फीसदी के नीचे 9.94 फीसदी पर आ गई है, जो जुलाई में 11.51 फीसदी रही थी. भले ही देश में मंहगाई आरबीआई के दायरे से ज्यादा है, लेकिन फिर भी पाकिस्तान से बहुत कम है. 

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