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RBI MPC June 2022: बस कुछ घंटे की मोहलत, और बढ़ेगा EMI का बोझ, फिर कटेगी जेब!

आरबीआई ने पिछले महीने करीब दो साल बाद पहली बार रेपो रेट में बदलाव किया था. कोरोना महामारी (Covid-19) के कारण अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती (Economic Slowdown) को दूर कने के लिए रिजर्व बैंक ने एक के बाद एक कटौती कर रेपो रेट को निचले स्तर पर ला दिया था.

फिर बढ़ेगी ईएमआई फिर बढ़ेगी ईएमआई
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2022,
  • अपडेटेड 11:38 PM IST
  • मई में 0.40 फीसदी बढ़ा था रेपो रेट
  • महंगाई के कारण बढ़ रही है ब्याज दरें

कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंची महंगाई (Inflation) से सिर्फ आम लोग ही हलकान नहीं हैं. इसके चलते रिजर्व बैंक (Reserve Bank) और सरकार को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. रिजर्व बैंक महंगाई को काबू करने के लिए पहले ही पिछले महीने एक बार रेपो रेट को बढ़ा (Repo Rate Hike) चुका है. अब सेंट्रल बैंक (Central Bank) फिर से रेपो रेट बढ़ाने की तैयारी में है, जिसका ऐलान बुधवार सुबह 10 बजे होने वाला है.

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अभी भी काफी ज्यादा है महंगाई की दर

रिजर्व बैंक ने मई में मौद्रिक नीति समिति की आपात बैठक (RBI MPC Meeting) बुलाई थी. महंगाई बेहिसाब बढ़ जाने के कारण रिजर्व बैंक को ऐसा करना पड़ा था. उसके बाद जून महीने में मौद्रिक नीति समिति की नियमित बैठक तय थी. जून की एमपीसी बैठक इस सप्ताह सोमवार को शुरू हुई और बुधवार को संपन्न होगी. बैठक संपन्न होने के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikant Das) निर्णयों की जानकारी देंगे. जिस तरह महंगाई उच्च स्तर पर बनी हुई है, पूरे अनुमान हैं कि फिर से रेपो रेट बढ़ाए जाएंगे. सवाल सिर्फ यह है कि इस बार सेंट्रल बैंक रेपो रेट को कितना बढ़ाता है. खुद आरबीआई गवर्नर बीते दिनों इसे साफ कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि जून बैठक में रेपो रेट बढ़ाया जाएगा, यह कोई दिमागी कसरत नहीं है.

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मई में चार साल बाद बढ़ा रेपो रेट

आरबीआई ने पिछले महीने करीब दो साल बाद पहली बार रेपो रेट में बदलाव किया था. कोरोना महामारी (Covid-19) के कारण अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती (Economic Slowdown) को दूर कने के लिए रिजर्व बैंक ने एक के बाद एक कटौती कर रेपो रेट को निचले स्तर पर ला दिया था. उसके बाद करीब दो साल तक रेपो रेट महज 4 फीसदी पर बना रहा. पिछले महीने रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 0.40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 कर दिया था. यह करीब चार साल बाद रेपो रेट में पहली बढ़ोतरी थी.

फिर रेपो रेट इतना बढ़ा सकता है आरबीआई

एनालिस्ट अनुमान लगा रहे हैं कि सेंट्रल बैंक जून बैठक में भी रेपो रेट को 0.40 फीसदी बढ़ा सकता है. ब्रोकरेज एजेंसी बोफा सिक्योरिटीज (Bofa Securities) की मानें तो इस बार भी आरबीआई रेपो दर में 0.40% की बढ़ोतरी कर सकता है. बोफा सिक्योरिटीज का कहना है कि टमाटर की कीमतों (Tomato Prices) के चलते मई में फिर से महंगाई बढ़ी है. खुदरा महंगाई दर 7.1% पर पहुंच गई है. ऐसे में आरबीआई का ब्याज दर बढ़ाना लगभग तय ही है. हालांकि सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती (Diesel Petrol Duty Cut) करने,  क्रूड सोयाबीन और सनफ्लॉवर ऑयल के आयात को शुल्क मुक्त करने और विमान के ईंधन (ATF) की कीमत नीचे लाने के कई उपाय किए हैं.

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रेपो रेट बढ़ने से ज्यादा हो जाएगी ईएमआई

बोफा सिक्योरिटीज का कहना है कि आरबीआई इसके बाद अगस्त में भी ब्याज दरों को 0.35% से 0.50% तक बढ़ा सकता है. अगर रेपो रेट इसी तरह बढ़ता रहा तो बैंक भी ब्याज दरें बढ़ाते रहेंगे. ब्याज दरें बढ़ने का सीधा असर उन लोगों के ऊपर होगा, जो होम लोन (Home Loan) या पर्सनल लोन (Personal Loan) की ईएमआई (EMI) चुका रहे हैं. इसके अलावा जो लोग आने वाले समय में घर या कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके ऊपर भी बढ़ी ईएमआई का बोझ पड़ना तय है.

 

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