
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये (Rs 2000 Note) के गुलाबी नोटों को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है. चलन से बाहर किए जाने के 9 महीने बाद भी हजारों करोड़ मूल्य के ये बड़े नोट मार्केट में मौजूद हैं, जिनकी वापसी अभी तक नहीं हो सकी है. रिजर्व बैंक के द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो बाजार में मौजूद इन नोटों की कुल कीमत 8,897 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही इन बड़े नोटों को बंद करने से हुए फायदे भी आरबीआई ने गिनाए हैं.
जनता के पास बाकी नोटों का ये है डाटा
पीटीआई के मुताबिक, RBI ने बताया है कि 31 जनवरी 2024 तक 2,000 रुपये के लगभग 97.5 फीसदी नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए थे. इसके बाद महज 2.5 फीसदी नोट ही अब जनता के पास बाकी रह गए हैं, जिन्हें अब तक आरबीआई के बैंकिंग कार्यालयों या फिर पोस्ट ऑफिस (Post Office) के जरिए वापस जमा नहीं कराया जा सका है. इस नोटों की वैल्यू 8,897 करोड़ रुपये है. गौरतलब है कि जब बीते साल रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये की नोटबंदी की थी, तब 19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर चलन में 2,000 रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था.
एक महीने में वापस आए 433 करोड़ रुपये
2000 रुपये के नोटों को सर्कुलेशन से बाहर किए जाने के बाद RBI ने 23 मई 2023 से इन नोटों को वापस करने के लिए लोगों को सुविधा दी थी, जिसकी डेडलाइन 30 सितंबर 2023 निर्धारित की गई थी. लेकिन इस तय तारीख तक भी बड़ी संख्या में गुलाबी नोट मार्केट में मौजूद थे, जिसके चलते केंद्रीय बैंक ने नोट वापसी की डेडलाइन को आगे बढ़ाते हुए 7 अक्टूबर कर दिया. ये समयसीमा खत्म होने पर आरबीआई ने फिर से राहत दी और कुछ बदलावों के साथ 8 अक्टूबर से लोगों को RBI के 19 कार्यालयों के जरिए नोट वापसी की प्रक्रिया जारी रखी. इसके अलावा Post Office के जरिए भी ये काम करने की सुविधा दी.
इसके बावजूद शुरुआत में नोट वापसी की गति नजर नहीं आई और 29 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक महीनेभर में महज 433 करोड़ रुपये ही आरबीआई के पास वापस आ सके हैं. बता दें कि 29 दिसंबर 2023 को मार्केट में मौजूद 2000 रुपये के नोटों का आंकड़ा 9,330 करोड़ रुपये था.
Clean Note पॉलिसी के तहत नोट बंद
केंद्रीय बैंक ने 2,000 रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोट नवंबर 2016 में उस समय पेश किए गए थे, जबकि मोदी सरकार (PM Narendra Modi Govt) ने चलन में मौजूद 5,00 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला सुनाया था. इसके बाद अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद 2,000 रुपये के बैंक नोट शुरू करने का उद्देश्य पूरा हो गया. आरबीआई के मुताबिक, साल 2018-19 में 2,000 रुपये के बैंक नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी. केंद्रीय बैंक ने क्लीन नोट पॉलिसी (Clean Note Policy) के तहत 19 मई 2023 को देश के सर्कुलेशन में मौजूद सबसे ज्यादा मूल्य के इस 2000 रुपये के नोट को वापस लेने का ऐलान किया था.
नोटबंदी से क्या-क्या फायदा हुआ?
आरबीआई ने 2000 रुपये के नोटों को लेकर ताजा डाटा पेश करते हुए इस फैसले से हुए फायदों के बारे में भी जानकारी दी. केंद्रीय बैंक के मुताबिक, 2000 रुपये के बड़े नोटों को सर्कुलेशन से हटाने का एक बड़ा फायदा ये हुआ कि कमर्शियल बैंकों के पास जमा में जनवरी में दो अंक में वृद्धि दर्ज की गई है. आरक्षित मुद्रा (RM) की वृद्धि नौ फरवरी, 2024 को घटकर 5.8 फीसदी रह गई, जो एक साल पहले 11.2 फीसदी थी. आरएम में सीआईसी के अलावा आरबीआई के पास बैंकों की जमा राशि और केंद्रीय बैंक के पास अन्य जमा शामिल हैं.
रविवार को शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, 9 फरवरी को समाप्त सप्ताह में प्रचलन में मुद्रा की वृद्धि एक साल पहले के 8.2 फीसदी से घटकर 3.7 फीसदी हो गई. करेंसी-इन-सर्कुलेशन (CiC) का तात्पर्य प्रचलन में मौजूद नोटों और सिक्कों से है, जबकि जनता के पास मौजूद मुद्रा में बैंकों के पास मौजूद नकदी को छोड़कर प्रचलन में मौजूद नोट और सिक्के शामिल हैं.