
आम आदमी के पास जो 2000 रुपये के नोट थे, वो करीब-करीब बैंक तक पहुंच चुके हैं. अब किसी से भी पूछो, यही कहेगा कि मेरे पास जो 2000 के नोट थे उसे बदल लिए या फिर अपने बैंक खाते में जमा कर दिए. अब इक्का-दुक्का लोग ही 2000 के नोट बदलने के लिए बैंक पहुंच रहे हैं. फिर कौन वो लोग जो अभी भी 84,000 करोड़ रुपये के 2000 के नोट दबाए बैठे हैं, या किसके पास अभी भी 24 फीसदी 2000 के नोट हैं?
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बीते 19 मई 2023 को 2,000 रुपये के गुलाबी नोटों को सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया था. इसके बाद केंद्रीय बैंक ने देशभर के तमाम बैंकों में इन्हें जमा करने और बदलने की व्यवस्था भी की, जो लगातार जारी है. RBI ने वापस आए नोटों का डाटा पेश करते हुए बताया है कि सर्कुलेशन में मौजूजद 76 फीसदी 2,000 रुपये के नोट वापस आ चुके हैं. इनकी कुल वैल्यू 2.72 लाख करोड़ रुपये होती है.
अब तक 76% नोट बैंकों में वापस आए
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि 2000 रुपये के बड़े नोटों को सर्कुलेशन से बाहर किए जाने का असर दिख रहा है और जिन लोगों के पास ये नोट मौजूद हैं, वे तेजी से इन्हें बैंकों में जमा करा रहे हैं. यही कारण है कि 19 मई से अब तक देश के तमाम बैंकों में कुल नोटों के 76 फीसदी वापस आ चुके हैं. गौरतलब है कि बीते 31 मार्च 2023 तक देश में कुल 3.62 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 के नोट मौजूद थे. इनमें से 30 जून 2023 तक कुल 2.72 लाख करोड़ रुपये के नोटों की वापसी हो चुकी है.
मार्केट में बचे 84,000 करोड़ मूल्य के नोट
RBI ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया कि अब जबकि कुल नोटों के 76 फीसदी नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं, तो फिलहाल करीब 84,000 करोड़ मूल्य के 2,000 रुपये के नोट सर्कुलेशन में मौजूद बचे हैं. इस बीच आरबीआई की ओर से कहा गया है कि इन नोटों में से 87 फीसदी नोट बैंकों में डिपॉजिट के तौर पर वापस आए हैं, जबकि 13 फीसदी 2,000 रुपये के नोटों को बैंकों से बदलवाया गया है. बैंकों में ये नोट वापस आने की रफ्तार अगर इसी तरह तेज रही तो केंद्रीय बैंक द्वारा दी गई डेडलाइन से पहले ही सभी नोट वापस आ सकते हैं.
30 सितंबर तक जमा करा सकते हैं नोट
आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने के ऐलान के साथ ही कहा था कि 23 मई से लेकर 30 सितंबर 2023 तक लोग अपने पास मौजूद इन नोटों को नजदीकी बैंक में जाकर जमा करा सकते हैं और बदलवा सकते हैं. बैंकों के अलावा लोग आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में भी 2000 के नोटों को बदलने सुविधा दी है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी लोगों से अपील की थी कि निर्धारित तिथि तक अपने नोटों को बैंकों में जमा करा दें या बदलवा लें. केंद्रीय बैंक की अपील भी रंग लाती नजर आ रही है और इसका उदाहरण 76 फीसदी 2000 रुपये के नोटों का बैंकों के पास वापस आना है.
पहली नोटबंदी के बाद पेश हुए थे ये नोट
2,000 रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोट नवंबर 2016 में तब पेश किए गए थे, जब सरकार ने चलन में मौजूद 5,00 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला सुनाया था. इसके बाद अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद 2,000 रुपये के बैंक नोट शुरू करने का उद्देश्य पूरा हो गया. आरबीआई ने कहा कि इसलिए, 2018-19 में 2,000 रुपये के बैंक नोटों की छपाई बंद कर दी गई.