
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग (Russia-Ukraine War) के दौरान कई देशों ने रूस और उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए आर्थिक प्रतिबंधों (Economic Sanctions on Russia) का सहारा लिया है. लेकिन हाल-फिलहाल में रूस इससे टूटता नहीं दिख रहा है. इस बीच रूस के सहयोगी देशों और उसकी निर्यात अर्थव्यवस्था को लेकर कई बातें हुई हैं. यहां हम आपको ऐसे 10 प्रमुख देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें रूस सबसे ज्यादा निर्यात करता है.
रूस के निर्यात में चीन का हिस्सा सबसे ज्यादा
रूस के कुल निर्यात में (Russia Export) में सबसे बड़ी हिस्सेदारी चीन (Russia Export to China) की है. हर साल रूस के कुल निर्यात का 14.5% निर्यात अकेले चीन को होता है. शायद यही वजह है कि यूक्रेन पर आक्रमण (Russia Attack On Ukraine) करने से पहले रूस ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर ज्यादा चिंता नहीं की और उसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक बड़े हिस्से पर इन प्रतिबंधों से कोई फर्क नहीं पड़ा.
चीन में बढ़ाया अपना निवेश
इसका सबूत युद्ध से पहले रूस की तैयारियों में मिलता है. रॉयटर्स की एक खबर के मुताबिक इस युद्ध से पहले ही रूस को प्रतिबंध लगने की आशंका थी, इसलिए रूस कई साल पहले से ही अन्य देशों में एक्सपोजर घटाने लगा था. इसके लिए रूसी सेंट्रल बैंक ने बीते कुछ साल के दौरान अन्य देशों में स्थित संपत्तियों को तेजी से कम किया. इस दौरान उसने फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों में अपना एक्सपोजर 50 फीसदी से ज्यादा कम कर दिया. दूसरी ओर चीन, जापान समेत कुछ अन्य देशों में एक्सपोजर बढ़ाया गया.
विदेशी मुद्रा के मामले में भी रूस ने उन देशों की करेंसी को ऑफलोड किया, जिनसे विरोध की आशंका थी. रूस ने बीते सात-आठ सालों के दौरान अमेरिकी करेंसी डॉलर (USD) और यूरोपीय यूनियन की करेंसी यूरो (Euro) में एक्सपोजर गिराकर 12-14 फीसदी पर ला दिया. इसकी भरपाई उसने चीन की करेंसी युआन (Yuan) में एक्सपोजर बढ़ाकर की गई. आठ साल पहले जिस युआन में रूसी एक्सपोजर करीब जीरो था, वह अभी 10 फीसदी से ज्यादा हो चुका है. चीन ने रूस पर प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया है और इस तरह रूस के लिए प्रतिबंधों के बाद भी युआन में ग्लोबल ट्रेड करने का विकल्प खुला हुआ है.
बाकी देशों को रूस का निर्यात
चीन के बाद रूस सबसे अधिक निर्यात जर्मनी को करता है. हालांकि ये उसके कुल निर्यात का महज 6.2% ही है. इसके अलावा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस के सबसे बड़े सहयोगी बने देश बेलारूस को रूस के कुल निर्यात का 5.3% जाता है. बाकी रूस के सबसे ज्यादा निर्यात वाले शीर्ष 10 देशों में नीदरलैंड की हिस्सेदारी 5.8%, तुर्की की 5.1%, अमेरिका की 4.5%, दक्षिण कोरिया की 3.7%, कजाकिस्तान और पोलैंड की 3.5% और इटली की 3.4% है.
इस लिस्ट में में भारत का नाम नहीं है. लेकिन भारत के रक्षा, कच्चा तेल, गैस और अन्य आयात में रूस की अच्छी भागीदारी है. दिसंबर 2021 के आंकड़ों के मुताबिक भारत ने रूस से करीब 72.47 अरब रुपये का आयात किया.
रूस का प्रमुख निर्यात कारोबार
रूस मुख्य तौर पर कच्चे तेल, उर्वरक, प्राकृतिक गैस और रक्षा सामानों का निर्यात करता है. कच्चे तेल की कीमतें तय करने में रूस की अहम भूमिका है, यह हर साल 65 लाख बैरल तेल का निर्यात करता है. सनफ्लॉवर ऑयल के मामले में दुनियाभर में 75% निर्यात रूस और यूक्रेन करते हैं. . रूस दुनिया में 17% प्राकृतिक गैस का उत्पादन करता है. वहीं दुनिया में नाइट्रोजन खाद का 15% कारोबार रूस से होता है. जबकि पोटाश फर्टिलाइजर निर्यात में रूस की 17% से अधिक हिस्सेदारी है.
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