
यूक्रेन (Ukraine) पर हमले के बाद रूस (Russia) को कड़े आर्थिक प्रतिबंधों (Sanctions) का सामना करना पड़ रहा है. रूस के सेंट्रल बैंक (Russian Central Bank) पर भी कई देश प्रतिबंध लगा चुके हैं और उसे इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम स्विफ्ट (SWIFT) से बाहर किया जा रहा है. इन कदमों का रूस की करेंसी, इकोनॉमी और स्टॉक मार्केट पर बड़ा असर हो रहा है.
इसके जवाब में रूस का सेंट्रल बैंक भी लगातार बचाव के उपाय कर रहा है. इसी कड़ी में रूसी सेंट्रल बैंक ने विदेशी कंपनियों और लोगों के द्वारा रशियन सिक्योरिटीज (Russian Securities) की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है.
रूस में अटक गया फॉरेन इन्वेस्टर्स का पैसा
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस के फाइनेंशियल मार्केट के संगठन एसीआई रशिया (ACI Russia) ने इस संबंध में सभी स्टॉक मार्केट पार्टिसिपेंट को निर्देश दिया है. सभी पार्टिसिपेंट को सोमवार की सुबह बताया गया कि वे विदेशी कंपनियों और लोगों के द्वारा रशियन सिक्योरिटीज बेचने के लिए रखे गए सारे ऑर्डर सस्पेंड कर दें. इसका अर्थ हुआ कि फॉरेन इन्वेस्टर्स अब रूसी मार्केट से पैसे नहीं निकाल सकते हैं.
आज सुबह से लागू हो गया रोक का ऑर्डर
रॉयटर्स ने रूसी बाजार के दो सूत्रों के हवाले से बताया कि यह डॉक्यूमेंट सभी पार्टिसिपेंट को सेंट्रल बैंक ने भेजा है. हालांकि जब सेंट्रल बैंक के मीडिया रिलेशंस डिपार्टमेंट से इस बारे में पूछा गया तो कोई जवाब नहीं मिला. डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि फाइनेंशियल मार्केट में इन्वेस्टर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है. यह ऑर्डर 28 फरवरी की सुबह के सात बजे से लागू हो गया है और कैंसल किए जाने तक अमल में रहेगा. इस डॉक्यूमेंट पर सेंट्रल बैंक के डिप्टी चेयरमैन फिलिप गाबुनिया (Philip Gabunia) का साइन है.
फॉरेन इन्वेस्टर्स का इतना पैसा दांव पर
इन्वेस्टमेंट बैंकर थॉमसनवन की एक ताजी रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2021 तिमाही में रशियन इक्विटीज में इंटरनेशनल फंड की हिस्सेदारी बढ़कर 86.2 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई. साल भर पहले यह हिस्सेदारी महज 65.6 बिलियन डॉलर थी. हालांकि कुछ अन्य आकलन बताते हैं कि रूस के शेयर मार्केट में विदेशी निवेश थॉमसनवन की गणना की तुलना में करीब 3 गुना तक ज्यादा हो सकता है. इस विदेशी निवेश में सबसे ज्यादा एक्सपोजर अमेरिकी फंडों का है. रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में रूस के शेयर बाजारों के कुल विदेशी निवेश में अकेले अमेरिका की हिस्सेदारी 58 फीसदी पर पहुंच चुकी थी. यह हिस्सेदारी साल भर पहले 53 फीसदी और 2013 में 41 फीसदी थी.