
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार कोरोना काल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. एक वक्त सेंसेक्स 41 हजार अंक के करीब था तो वहीं निफ्टी 12 हजार अंक को पार कर लिया था. कोरोना काल में सेंसेक्स और निफ्टी का ये उच्चतम स्तर है.आपको यहां बता दें कि इसी साल 20 जनवरी को सेंसेक्स 42 हजार 273 अंक के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 163 अंक की बढ़त के साथ 40,707 अंक पर ठहरा तो वहीं निफ्टी 41 अंक की तेजी के साथ 11,938 अंक पर रहा.
इस बीच, बुधवार को रुपये ने आरंभिक लाभ गंवा दिया और यह डॉलर के मुकाबले नौ पैसे की गिरावट के साथ 73.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. रुपया 73.39 पर खुला तथा कारोबार के दौरान 73.36 के उच्च स्तर और 73.62 रुपये के निम्न स्तर को छूने के बाद कारोबार के अंत में नौ पैसे की गिरावट के साथ 73.58 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. मंगलवार को रुपया 73.49 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
मंगलवार को बाजार का हाल
शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे दिन तेजी रही. सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों की अगुवाई में बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 113 अंक चढ़कर 40,500 अंक से ऊपर निकल गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 24 अंक बढ़कर 11,900 अंक के करीब पहुंच गया. बाजार में एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नालॉजी और इन्फोसिस के शेयरों में खरीदारी का जोर रहा जिससे इनके शेयरों में बढ़त दर्ज की गई.
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक 4.19 प्रतिशत बढ़त के साथ सर्वाधिक तेजी वाला शेयर रहा. इसके बाद टेक महिन्द्रा, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एण्ड टुब्रो, टीसीएस, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, नेस्ले इंडिया और इन्फोसिस में भी बढ़त दर्ज की गई. इसके उलट ओएनजीसी, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, एचडीएफसी और स्टेट बैंक के शेयरों में 2.67 प्रतिशत तक की गिरावट रही.
FDI में इजाफा
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. दरअसल, देश में इस साल अप्रैल-अगस्त के दौरान प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 16 प्रतिशत बढ़कर 27.1 अरब डॉलर रहा. पिछले साल अप्रैल-अगस्त के दौरान देश में 23.35 अरब डॉलर का निवेश आया था. किसी वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में यह अबतक का सर्वाधिक एफडीआई है और 2019-20 के पहले पांच महीनों की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है. कुल एफडीआई प्रवाह 2008 से 2014 में 231.37 अरब डॉलर की तुलना में 2014 से 2020 में 55 प्रतिशत बढ़कर 358.29 अरब डॉलर रहा.