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Sudha Murthy जाएंगी राज्यसभा... जिनके 10000 रुपये से हुई थी Infosys की शुरुआत, दिलचस्प है कहानी

Sudha Murthy Nominated for Rajya Sabha : इंफोसिस को-फाउंडर की पत्नी सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी शेयर की है.

सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए किया मनोनीत सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए किया मनोनीत
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) को खड़ा करने में बड़ा योगदान देने वाली सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. इंफोसिस के को-फाउंडर एन आर नायारण मूर्ति ने इस कंपनी की शुरुआत के लिए अपनी पत्नी सुधा मूर्ति से 10,000 रुपये उधार लिए थे, तब ये कंपनी अस्तित्व में आई और आज दुनियाभर में भारत का झंडा बुलंद कर रही है. अब सुधा मूर्ति बिजनेस सेक्टर से राजनीति जगत में एंट्री ले रही हैं. शुक्रवार को इन्हें राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने राज्यसभा (Sudha Murthy Rajya Sabha) के लिए मनोनीत किया है. 

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सुधा मूर्ति के योगदान से शुरू हुई थी इंफोसिस 
सुधा मूर्ति के पति N.R. Narayana Murthy ने वर्ष 1981 में अपने छह साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस (Infosys) कंपनी की स्थापना की थी. आज यह भारत की टॉप-10 वैल्यूएवल  कंपनियों में शामिल है और टाटा ग्रुप की टीसीएस (TCS) के बाद दूसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी है. इंफोसिस का मार्केट कैप (MCap) 6,69,920.64 करोड़ रुपये है और अमेरिका, इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में  कारोबार है. नारायण मूर्ति ने खुद अनेक मौकों पर इंफोसिस की शुरुआत और उसके यहां तक पहुंचने में अपनी पत्नी Sudha Murthy के योगदान के बारे में बताया है. PM Modi ने खुद एक्स पोस्ट कर उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने की जानकारी शेयर की है. 

पैसों की थी तंगी, तो सुधा मूर्ति ने पति को दी मदद
दरअसल, जब नारायण मूर्ति ने कंपनी शुरू करने का प्लान बनाया था. उस दौर में नारायण मूर्ति अपनी पत्नी सुधा मूर्ति के साथ एक कमरे के मकान में रहते थे. सुधा मूर्ति खुद इसका जिक्र कई बार टीवी शो और इंटरव्यू में कर चुकी हैं. कंपनी का नाम इंफोसिस (Infosys) तय हो चुका था, लेकिन इसे शुरू करने के लिए पैसों की तंगी बनी हुई थी. तब सभी को-फाउंडर्स में नारायण मूर्ति ने अपना हिस्सा देने के लिए पत्नी से उस समय 10,000 रुपये उधार लिए थे. इन्हीं पैसों की वजह से पुणे के एक अपार्टमेंट से कंपनी की शुरुआत हुई. बाद में साल 1983 में कंपनी का मुख्यालय पुणे से बेंगलुरु ट्रांसफर कर दिया गया.

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इस कंपनी ने ऐसा कमाल किया कि आगे बढ़ती ही चली गई और कारोबार फैलता गया. साल 1999 में इंफोसिस US Stock Market नास्डैक (Nasdaq) में लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई. आज इस कंपनी में 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं. 

Tata की इस कंपनी की पहली महिला इंजीनियर 
Sudha Murthy का जन्म उत्तरी कर्नाटक में शिगांव में 19 अगस्त 1950 को हुआ था. सुधा के पिता का नाम आर.एच कुलकर्णी और माता विमला कुलकर्णी है. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. इनकी पढ़ाई और करियर के साथ भी बेहद खास बाकया जुड़ा हुआ है. दरअसल, सुधा मूर्ति इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं और वे पढ़ाई के बाद टाटा मोटर्स (Tata Motors) की पहली महिला इंजीनियर भी थीं. इसके साथ ही उन्होंने आठ उपन्यास लिखे हैं. 

दामाद हैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
सुधा मूर्ति और नारायण मूर्ति के दो बच्चे हैं. एक बेटी अक्षता मूर्ति और बेटा रोहन मूर्ति. वह UK PM की सास हैं. उनकी बेटी अक्षता की शादी ब्रिटेन में प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) के साथ हुई है. जब पति नारायण मूर्ति अपनी कंपनी शुरू करने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, तब उन्होंने पैसों से साथ दिया, यही नहीं अपनी खुद की नौकरी छोड़कर सुधा मूर्ति ने पति की कंपनी शुरू करने में हर मोर्चे पर मदद की. 

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