
सरकार के एक फैसले के बाद शुगर सेक्टर के स्टॉक (Sugar Sector Stocks) में जोरदार तेजी देखने को मिली है. चीनी बनाने वाली कई कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को गदगद कर दिया, क्योंकि इन कंपनियों के स्टॉक्स 11 फीसदी तक चढ़ गए. शुगर सेक्टर के 32 शेयरों में सोमवार को 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है.
दरअसल, भारत सरकार (Government) ने 7 दिसंबर को 2023-24 आपूर्ति वर्ष (नवंबर-अक्टूबर) के लिए एथेनॉल (Ethanol) बनाने के लिए गन्ने के रस के उपयोग पर बैन लगा दिया था, जिससे वर्ष 2025 में चीनी कंपनियों की कमाई प्रभावित होने की आशंका थी. सरकार की ओर से यह फैसला चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू बाजार में आपूर्ति पूरी करने के लिए लिया गया था, लेकिन अब सरकार ने इस आदेश को वापस ले लिया है.
सरकार ने बदला फैसला
केंद्र सरकार ने अब एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के रस के उपयोग को मंजूरी दे दी है. साथ ही सरकार ने 2023-24 आपूर्ति वर्ष में हरित ईंधन का उत्पादन करने के लिए जूस के साथ-साथ बी-हैवी गुड़ के उपयोग की भी अनुमति दी है. ऐसे में चीनी कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है. सरकार के इस फैसले के बाद शुगर सेक्टर में जोरदार तेजी दिखी है.
इन शेयरों में जबरदस्त उछाल
धामपुर शुगर मिल्स के शेयर (Dhampur Sugar Mills) 8.22 प्रतिशत बढ़कर 268.45 रुपये कारोबार कर रहा था. बजाज हिंदुस्तान शुगर लिमिटेड (Bajaj Hindustan Sugar Ltd) 9.22 प्रतिशत बढ़कर 30.55 रुपये, बलरामपुर चीनी मिल्स 7.15 फीसदी चढ़कर 412.05 रुपये, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज के शेयर 6.39 फीसदी बढ़कर 91.38 रुपये, इंडियन सरकोस लिमिटेड 10.65 प्रतिशत बढ़कर 90 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इसी तरह श्री रेणुका शुगर्स 6.86 प्रतिशत उछलकर 49.99 रुपये, उगर शुगर वर्क्स लिमिटेड 7.98 प्रतिशत बढ़कर 86.84 रुपये, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड 4.96 प्रतिशत बढ़कर 355.30 रुपये और मगध चीनी और एनर्जी लिमिटेड 6.56 प्रतिशत बढ़कर 724.30 रुपये पर पहुंच गए थे.
एक्सपर्ट्स ने क्या दिया सुझाव
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शुगर सेक्टर पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का मानना था कि फैसले को वापस न लेने से वित्त वर्ष 2025 में चीनी कंपनियों की कमाई पर असर पड़ेगा. हालांकि उन्हें वित्त वर्ष 2026 में सुधार की उम्मीद थी. एक्सपर्टस ने इस बैन को "अस्थायी झटका" बताया, जबकि सुझाव दिया कि शुगर सेक्टर के लिए लॉन्ग टर्म संभावनाएं हैं.
(नोट- आईपीओ मार्केट में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)