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Reliance-Future मामले में बड़ा मोड़, SC के इस फैसले से फ्यूचर ग्रुप को राहत

Reliance-Future Deal विवाद में एक बड़ा मोड़ आया है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में  दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी है. जानें पूरी खबर...

Reliance-Future मामले में SC ने दी फ्यूचर ग्रुप को राहत (Photo : Reuters) Reliance-Future मामले में SC ने दी फ्यूचर ग्रुप को राहत (Photo : Reuters)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST
  • NCLT, CCI, SEBI भी नहीं कर सकते आदेश पारित
  • रिलायंस-फ्यूचर डील पर Amazon के साथ है विवाद
  • 24,713 करोड़ रुपये की है Reliance-Future Deal

Reliance-Future Deal में Amazon के साथ विवाद के मामले में फ्यूचर ग्रुप को थोड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद से जुड़े दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे मामले में रोक लगा दी है. साथ ही कई और प्राधिकरणों को अंतिम फैसला देने से रोक दिया है.

Future Group को राहत

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में फ्यूचर ग्रुप को राहत देते हुए उसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही जब्ती की कार्रवाई पर रोक लगा दी. इसके लिए समूह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वो मामले में हितों को बैलेंस करने की कोशिश कर रहा है, इसलिए उसने ये रोक लगाई है.

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NCLT, CCI भी नहीं कर सकते आदेश पारित

इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े अन्य मामलों में NCLT, NCLAT, SEBI और CCI सहित अन्य सभी न्यायाधिकरणों के किसी तरह का अंतिम आदेश पारित करने पर भी रोक लगाई है. ये रोक 4 हफ्ते के  लिए लगाई गई है.

क्या है Reliance-Future Deal

फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर रिटेल के पास बिगबाजार जैसा बड़ा रिटेल ब्रांड है. वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज देश के रिटेल बाजार में अपना दखल बढ़ाने की इच्छा रखती है. इसी के मद्देनजर दोनों कंपनियों के बीच 29 अगस्त 2020 को 24,713 करोड़ रुपये का एक सौदा हुआ. इस सौदे के पूरे होने के बाद रिलायंस को बिग बाजार के साथ-साथ फ्यूचर ग्रुप के अन्य रिटेल, गोदाम, लॉजिस्टिक और थोक कारोबार का मालिकाना हक मिल जाएगा.
 

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क्या है Amazon के साथ विवाद

अब इस सौदे में एमेजॉन के साथ एक पेच फंसा है. दरअसल फ्यूचर रिटेल में फ्यूचर ग्रुप की ही एक और कंपनी फ्यूचर कूपन्स की हिस्सेदारी है. इस फ्यूचर कूपन्स में 2019 में एमेजॉन ने 49% हिस्सेदारी खरीदी थी. साथ ही उसे ये अधिकार भी मिला था कि भविष्य में फ्यूचर ग्रुप जब भी कंपनी की हिस्सेदारी बेचना चाहेगा तो एमेजॉन के पास उसे खरीदने का पहला अधिकार होगा.

यही एक बात किशोर बियानी के फ्यूचर समूह को रिलायंस के साथ सौदो करने से रोकती है. इस मामले में एमेजॉन ने सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत में गुहार लगाई और 25 अक्टूबर 2020 को अपने पक्ष में फैसला कराने में सफल रही. सिंगापुर की मध्यस्थ अदालत के फैसले के बाद रिलायंस के साथ हुआ सौदा रुक गया.

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