
टाटा ग्रुप की सब्सिडियरी कंपनी टाटा प्ले (Tata Play) के प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम (IPO) के पेश होने का रास्ता साफ हो गया है. बाजार नियामक सेबी (SEBI) की ओर से इसे हरी झंडी दिखा दी गई है. खास बात ये है कि टाटा प्ले बीते 18 साल में ग्रुप की पहली ऐसी कंपनी होगी, जिसका आईपीओ आने वाला है. सेबी ने 26 अप्रैल 2023 को जमा कराए गए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग डॉक्यूमेंट पर ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है.
2004 में आया था TCS का आईपीओ
मार्केट रेग्युलेटर सेबी (Sebi) की ओर से अप्रूवल मिलने के बाद अब ये 18 साल की लंबी अवधि में आईपीओ लाने वाली टाटा की पहली कंपनी बन सकती है. इससे पहले 2004 में TCS के बाद से टाटा ग्रुप की किसी भी कंपनी की घरेलू स्टॉक मार्केट में एंट्री नहीं हुई है. बता दें टाटा प्ले के अलावा बीते मार्च महीने में Tata Motors की सहायक कंपनी Tata Technologies ने भी मसौदा दस्तावेज सेबी के पास जमा कराए हैं. हालांकि, कंपनी को बाजार नियामक की ओर से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन जल्द इसे अप्रूवल मिलने तकी उम्मीद जताई जा रही है.
क्या होती है गोपनीय फाइलिंग?
यहां समझना जरूरी है कि कथित तौर पर गोपनीय फाइलिंग के तहत बाजार में अनलिस्टेड कंपनियों को अपने पेशकश दस्तावेज तब तक निजी रखने की इजाजत होती है, जब तक कि कंपनी आईपीओ की योजना ठोस तैयार नहीं कर लेती. बाजार नियामक की ओर से अप्रूवल मिलने के बाद 16 महीने के भीतर अद्यतन DHRP जमा कराना होता है. यानी सेबी द्वारा अवलोकन पत्र जारी होने के बाद टाटा प्ले को अपना IPO लाने से पहले नई जानकारी के साथ DRHP सब्मिट करना होगा.
टाटा प्ले का नाम पहले टाटा स्काई था
Tata Play, जिसे पहले Tata Sky के नाम से जाना जाता था. रिपोर्ट के मुताबिक, Direct To Home प्लेटफॉर्म ने आईपीओ के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग डॉक्यूमेंट 29 नवंबर 2022 को सेबी के पास जमा कराया था. टाटा ग्रुप की जिस दूसरी कंपनी टाटा टेक्नोलॉजीज के दस्तावेज सेबी के पास जमा हैं, उसके आईपीओ का साइज करीब 4,000 करोड़ रुपये का हो सकता है.
टाटा टेक का आईपीओ OFS होगा
इस संबंध में पूर्व में जारी रिपोर्ट्स की मानें तो Tata Tech का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा और इसके तहत मौजूदा प्रमोटर्स और शेयर होल्डर्स 9.5 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे. टाटा टेक्नोलॉजीज के इश्यू के तहत टाटा मोटर्स 8.11 करोड़, अल्फा टीसी होल्डिंग्स 97.2 लाथ और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड 1 अपने हिस्से के 48.6 लाख इक्विटी शेयरों के की बिक्री करेंगी. टाटा टेक्नोलॉजीज में टाटा मोटर्स की 74.69 फीसदी, अल्फा टीसी होल्डिंग्स की 7.26 फीसदी और टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड 1 की 3.53 फीसदी हिस्सेदारी है.