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कोई भगोड़ा तो कोई फरार... देश को इन 50 लोगों ने लगाया चूना, मेहुल चोकसी सबसे आगे

जानबूझकर बैंक का कर्ज न चुकाने वालों में भगोड़े मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Mehul Choksi’s Gitanjali Gems Limited) सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर है, जिस पर बैंकों का 8,738 करोड़ रुपये बकाया है.

कर्जदारों की लिस्ट में मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स सबसे ऊपर कर्जदारों की लिस्ट में मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स सबसे ऊपर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

देश के बैंकों का पैसा लेकर भागे कर्जदारों की लिस्ट लंबी है. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से मंगलवार को टॉप-50 विलफुल डिफॉल्टर्स का डाटा पेश किया है, जिनपर तमाम बैंकों के 87,295 करोड़ रुपये बकाया हैं.

इसमें सबसे ऊपर मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और ऋषि अग्रवाल (Rishi Agarwal) जैसे नाम शामिल हैं. वित्त राज्य मंत्री डॉक्टर भागवत सिंह कराड़ (Dr Bhagwat Karad) ने ये आंकड़ा राज्यसभा में शेयर किया है.

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एससीबी का 40,825 करोड़ बकाया
राज्यसभा में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड़ (Bhagwat Karad) ने बताया कि मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Gitanjali Gems) सहित टॉप 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर बैंकों का 87,295 करोड़ रुपये का बकाया है. राज्य मंत्री ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में कहा कि इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में से टॉप-10 पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) का 40,825 करोड़ रुपये बकाया है.

मेहुल चोकसी सबसे बड़ा डिफॉल्टर
बीते पांच सालों का आकंड़ा पेश करते हुए वित्त राज्य मंत्री भागवत सिंह कराड़ ने कहा कि एससीबी ने इस अवधि में 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि माफ भी की है. इसके बावजूद इसका इतना बकाया है. इसके साथ ही इन जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वालों में भगोड़े मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स (Mehul Choksi’s Gitanjali Gems Limited) सबसे बड़ी विलफुल डिफॉल्टर है, जिस पर बैंकों का 8,738 करोड़ रुपये बकाया है.

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चोकसी के बाद ये बड़े नाम लिस्ट में शामिल
अन्य डिफॉल्टर्स की बात करें तो मेहुल चोकसी के बाद ऋषि अग्रवाल की एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड (ABG Shipyard Limited), आरईआई एग्रो लिमिटेड (REI Agro Limited) और एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (Era Infra Engineering Limited) का नाम आता है. वित्त वर्ष 2022-23 के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एससीबी ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 10,57,326 करोड़ रुपये की कुल राशि को बट्टे खाते में डाल दिया है. पीटीआई के मुताबिक, आरबीआई ने सूचित किया है कि एससीबी में शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टरों पर 31 मार्च, 2023 तक 87,295 करोड़ रुपये का बकाया था.

टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट

कंपनी का नाम                                       बकाया
गीतांजलि जेम्स लिमिटेड                           8,738 करोड़ रुपये
एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड                  5,750 करोड़ रुपये        
आरईआई एग्रो लिमिटेड                           5,148 करोड़ रुपये
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड                         4,774 करोड़ रुपये
कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड           3,911 करोड़ रुपये
रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड              2,894 करोड़ रुपये
विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड     2,846 करोड़ रुपये
फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड                     2,518 करोड़ रुपये
श्री लक्ष्मी कॉटसिन लिमिटेड                     2,180 करोड़ रुपये
जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड                 2,066 करोड़ रुपये

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आरबीआई ने दी है IBA को सलाह
डॉक्टर भागवत कराड़ ने आगे कहा कि आरबीआई ने भारतीय बैंक संघ (IBA) को सलाह भी जारी की है कि बैंकों को इनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर प्रतिकूल असर डाले बिना जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों या बैंकों के साथ धोखाधड़ी वाले कर्जदारों के साथ समझौता करने पर विचार करना चाहिए. उन्होंने RBI के 8 जून, 2023 के फ्रेमवर्क फॉर कॉम्प्रोमाइज सेटलमेंट्स एंड टेक्निकल राइट-ऑफ्स शीर्षक वाले परिपत्र का जिक्र किया. इसमें कहा गया है कि विनियमित संस्थाएं (RI) धोखाधड़ी या जानबूझकर डिफॉल्टर के रूप में वर्गीकृत खातों के संबंध में समझौता निपटान या तकनीकी राइट-ऑफ कर सकती हैं. 


 

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