
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) को-फाउंडर एनआर नारायाण मूर्ति (NR Narayan Murthy) बीते दिनों अपने हफ्ते में 70 घंटे काम वाले बयान को लेकर खासे सुर्खियों में रहे थे. वहीं अब एक बार फिर उनकी चर्चा हो रही है और ये उनके बयान को लेकर नहीं, बल्कि उनके बिजनेस के शुरुआती दौर के एक हैरान करने वाले किस्से को लेकर है. इसका खुलासा उनके जीवन पर प्रकाशित हुई एक किताब 'एन अनकॉमन लव: द अर्ली लाइफ ऑफ सुधा मूर्ति एंड नारायण मूर्ति' में किया गया है.
चित्रा बनर्जी की लिखी किताब में खुलासा
इस किताब An Uncommon Love: The Early Life of Sudha and Narayana Murthy में उनके साथ अमेरिका में एक क्लाइंट द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के बारे में बताया गया है. ये किताब भारतीय मूल की अमेरिकी लेखक चित्रा बनर्जी दिवाकरुणि ने लिखी है. इसमें बताया गया है कि जब एन आर नारायणमूर्ति (NR Narayan Murthy) इंफोसिस की शुरुआत के बाद एक अमेरिकी क्लाइंट के लिए काम कर रहे थे, तो एक बार उन्हें उस क्लाइंट के पास अमेरिका जाना पड़ा. लेकिन वहां जाकर उन्हें अपनी रात एक ऐसे स्टोररूम में बितानी पड़ी, जिसमें एक भी खिड़की नहीं थी.
4 बेडरूम खाली, फिर भी स्टोररूम में सुलाया
Infosys का ये क्लाइंट था डॉन लिल्स (Donn Liles), जो कि डाटा बेसिक्स कॉर्पोरेशंस नामक कंपनी का मालिक था. उसके बिजनेस का तरीका भी लेट-लतीफी वाला था और वो कई बार देरी से पेमेंट करता था. काम के सिलसिले में जब नारायणमूर्ति डॉन से मिलने के लिए अमेरिका में पहुंचे, तो मीटिंग के बाद जब रात हो गई, तो उस क्लाइंट ने नारायण मूर्ति को सोने के लिए स्टोररूम में भेज दिया, जो चारों तरफ से बिल्कुल बंद था और उसमें सोने के लिए बेड भी नहीं थी. इस दौरान इंफोसिस को-फाउंडर ने अपनी पूरी रात स्टोररूम में रखे बॉक्स पर सोकर बिताई थी. जबकि डॉन के घर में चार बेडरूम खाली पड़े हुए थे.
पति की आपबीती सुन सुधा मूर्ति को आया गुस्सा
अपने नई स्थापित कंपनी के लिए एन आर नारायण मूर्ति (NR Narayan Murthy) ने डॉन लिल्स जैसे क्लाइंट का ये व्यवहार भी बड़ी सालीनता के साथ सहन कर लिया, लेकिन इस घटना ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया था. अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी सुधा मूर्ति (Sudha Murthy) को ये आपबीती बताई तो वे बहुत गुस्सा हो गईं. नारायणमूर्ति ने पत्नी से कहा, 'मेरी मां कहा करती थीं कि मेहमान भगवान के समान होता है और आप अपने मेहमानों के साथ जिस तरह से व्यवहार करते हैं, उससे पता चलता है कि आप वास्तव में किस तरह के इंसान हैं.
पत्नी से 10000 रुपये लेकर शुरू की थी इंफोसिस
किताब के मुताबिक, नारायण मूर्ति ने कहा कि जब मेरे पिता बिना किसी अग्रिम सूचना के किसी को आमंत्रित करते थे, तो मेरी मां अक्सर अतिथि को अपना खाना परोसती थीं और खुद बिना खाना खाए ही सो जाती थीं. जबकि अमेरिका में डॉन मुझे एक बड़े बक्से में रात गुजारने के लिए बोलकर अपने शानदार बिस्तर पर अच्छी नींद का आनंद ले रहा था. गौरतलब है कि इंफोसिस को-फाउंडर नारायण मूर्ति का जीवन संघर्षों भरा रहा है. इंफोसिस की शुरुआत भी उन्होंने अपने सात दोस्तों के साथ मिलकर की थी और इसके लिए पत्नी सुधा मूर्ति से 10 हजार रुपये उधार के तौर पर लिए थे.