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Recession in US: अमेरिका को फिच की चेतावनी, आने वाली है 1990 जैसी मंदी?

अमेरिका (US) में एक ओर जहां महंगाई दर 40 साल के शिखर पर पहुंच गई है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए फेड रिजर्व (Fed Reserve) ने भी ब्याज दरों को बीते चार दशक में सबसे तेजी से बढ़ाया है. फेड रिजर्व के मुताबिक, फिलहाल उनका टारगेट महंगाई को कंट्रोल करना है.

अमेरिका में 1990 की तरह मंदी आने का जोखिम अमेरिका में 1990 की तरह मंदी आने का जोखिम
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 10:50 AM IST

दुनिया पर मंदी (Recession) के साये के बीच दूसरे देशों की तुलना में सबसे ज्यादा चर्चा अमेरिका (America) की हो रही है. अब अमेरिकी इकोनॉमी (America Economy) में मंदी के जोखिम पर जारी बहस के बीच रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने बड़ी बात कही है.

एजेंसी के मुताबिक, US में चरम पर पहुंची महंगाई और इसे काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से लगातार ब्याज दरों (Interest Rate) में बढ़ोतरी से देश मंदी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. 

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1990 की तरह दिख रहा पैटर्न
Fitch Ratings ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जाहिर करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी अमेरिका में मंदी (US Recession) का जोखिम 1990 के पैटर्न की तरह दिखाई दे रहा है. फेड रिजर्व चार दशक के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी महंगाई को काबू में करने के लिए एक के बाद एक लगातार ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ा रहा है. रिपोर्ट की मानें तो फेड रिजर्व का यह कदम उपभोक्ता खर्च को इस हद तक कम कर सकता है कि यह 2023 की दूसरी तिमाही के दौरान मंदी का कारण बन जाएगा. 

आठ महीने US ने झेली थी मंदी
गौरतलब है कि 1990 में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जबरदस्त मंदी देखने को मिली थी, जो करीब 8 महीने तक जारी रही थी. इस मंदी के कारण देश में बेरोजगारी दर में जोरदार इजाफा देखने को मिला था. अगर इसी तरह की मंदी एक बार फिर सामने आती है, तो यह US Economy के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने अपनी इस रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका (USA) साल 1990 के जैसी मंदी देख सकता है. 

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फिच ने बताया ये बड़ा कारण
फिच ने रिपोर्ट में आशंका जताई है कि उच्च महंगाई दर और अमेरिकी फेड रिजर्व का ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी करना, इस स्प्रिंग सीजन (March to May) तक अमेरिकी इकोनॉमी (US Economy) को फिर से बड़ी मंदी का शिकार बना सकता है. इस तरह का आशंका जताते हुए रेटिंग एजेंसी ने अमेरिका के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को भी घटाकर दिया है. कहा गया है कि अमेरिकी इकोनॉमी के इस साल महज 0.5 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगी. जबकि, अगले वित्त वर्ष में ग्रोथ रेट 1.5 फीसदी तक रह सकती है.

हर महीने जाएंगी लाखों नौकरियां
फिच रेटिंग्स के इकोनोमिस्ट्स ने हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा कि हम जिस अमेरिकी मंदी का अनुमान जाहिर कर रहे हैं, वह काफी हल्की रहने वाली है. गौरतलब है कि इससे पहले हाल ही में Bank Of America में यूएस इकनॉमिक्स के हेड माइकल गैपन (Michael Gapen) ने अगले एक साल में अमेरिका में बेरोजगारी दर 5 से 5.5 फीसदी होने का अनुमान लगाया है.

ये अनुमान इसलिए ज्यादा खतरनाक नजर आता है, क्योंकि फेड ने भी अगले साल बेरोजगारी दर का अनुमान 4.4 फीसदी जताया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगले साल की पहली छमाही यानी जनवरी-जून में अमेरिका मंदी की गिरफ्त में आ सकता है. अगर ऐसा होता है तो देश में हर महीने 1.75 लाख लोग बेरोजगार हो सकते हैं.

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