
ग्रामर से जुड़ी गलतियां सुधारने और सही अंग्रेजी लिखने में मदद करने वाली स्टार्टअप कंपनी ग्रामरली (Grammarly) के दो को-फाउंडर अरबपतियों की सूची का हिस्सा बन चुके हैं. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के अनुसार, ग्रामरली के 2 को-फाउंडर मैक्स लिटविन (Max Lytvyn) और एलेक्स शेवचेन्को (Alex Shevchenko) की कुल संपत्ति 2-2 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुकी है.
अमेरिका के टॉप10 स्टार्टअप में से एक
इस स्टार्टअप की शुरुआत 3 लोगों ने मिलकर 2009 में की थी. आज कंपनी के साथ 600 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं. कंपनी के डेली एक्टिव यूजर्स की संख्या 3 करोड़ है. यह कंपनी सालाना 5 लाख एप्लिकेशन्स की मदद से 14 ट्रिलियन शब्दों को एनालाइज करती है. पिछले साल नवंबर में एक फंडिंग राउंड में ग्रामरली की वैल्यू 13 बिलियन डॉलर आंकी गई थी. इसके साथ ही यह अमेरिका के 10 सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप कंपनियों में शामिल हो गई थी.
पिछले साल नवंबर में मिला इतना फंड
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में कंपनी ने 200 मिलियन डॉलर से ज्यादा का फंड जुटाने में कामयाबी हासिल की. कंपनी को फंड देने वालों में Baillie Gifford & Co जैसे इन्वेस्टर शामिल रहे. रिसर्च फर्म CB Insights के अनुसार, इसके साथ ही यह अमेरिका की 10वीं सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप कंपनी बन गई. इससे पहले 2019 के एक फंडिंग राउंड में कंपनी की वैल्यू 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा आंकी गई थी.
ये सर्विसेज देती है कंपनी
ग्रामरली मशीन लर्निंग का इस्तेमाल कर अंग्रेजी लिखने के साथ-साथ स्पेलिंग चेक करने, ग्रामर ठीक करने और सही लैंग्वेज अपनाने में मदद करती है. कंपनी कॉपी-पेस्ट डिटेक्ट करने की सर्विस भी देती है. कॉरपोरेट के लिए कंपनी ने ग्रामरली बिजनेस जैसे प्रॉडक्ट लॉन्च किए हैं. ग्रामरली की सर्विसेज स्मार्टफोन के अलावा डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी उपलब्ध है. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज और एप्पल मैक दोनों के लिए कंपनी के डेस्कटॉप ऐप उपलब्ध हैं.
सैमसंग के साथ हाल ही में हुई साझेदारी
स्टार्टअप कंपनी ने हाल ही में दक्षिण कोरिया की स्मार्टफोन कंपनी सैमसंग के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी के तहत सैमसंग के सारे स्मार्टफोन के कीबोर्ड में ग्रामरली के सर्विसेज को इंटीग्रेट किया जाएगा. ऐसे में सैमसंग के ग्राहक बिना ग्रामरली ऐप इंस्टॉल किए इसके सर्विसेज को यूज कर सकेंगे. वे कुछ भी टाइप करेंगे तो उन्हें खुद ही गलतियों को सुधारने के सजेशन मिलेंगे.