
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का सरनेम लेने में अमेरिकी सीनेटर हकलाते देखे गये. किसी ने उन्हें सुंदर 'पिक-आई' तो किसी ने 'पी चाय' बुलाया. इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब मजे लिये जा रहे हैं.
असल में बुधवार को गूगल, फेसबुक, ट्विटर जैसी अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों को सीनेट की एक मीटिंग में तलब किया गया था. यह मीटिंग वर्चुअल हुई. इस दौरान कॉमर्स, साइंस और ट्रांसपोर्टेशन कमिटी के चेयरमैन रोजर विकर ने अपने शुरुआती संबोधन में सुंदर पिचाई को सुंदर 'पिक आई' की तरह उच्चारित किया.
डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सीनेटर की कमिटी ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग और ट्विवटर के सीईओ जैक दोर्सी से पूछताछ की.
देखें: आजतक LIVE TV
बिगड़ गया नाम
रोजर विकर के बाद सुंदर पिचाई का नाम बिगाड़ने वाले सीनेटर थे कोरी गार्डनर. यही नहीं, सीनेटर एमी क्लोबुचर ने तो पिचाई सरनेम को 'पी चाय' कहकर पुकारा. इसके बाद ज्यादातर सीनेटर ने सुंदर पिचाई को 'पिक आई' या 'पी चाय' कहकर ही पुकारा.
इसके बाद सोशल मीडिया पर इस घटना की चर्चा होने लगी. एक ट्विटराती ने तो इसे नस्लीय भेदभाव तक बता दिया.
क्या था मामला
असल में सोशल मीडिया पर एक पक्ष के विचारों को दबाने की कई सीनेटर ने शिकायत की थी. ट्विटर ने हाल में राष्ट्रपति ट्रंप की एक ट्वीट पर फैक्ट चेक की चेतावनी लगा दी थी. इसके अलावा बाइडन की आलोचना करने वाले न्यूयॉर्क पोस्ट के लेख को कथित तौर पर प्रतिबंधित करने पर फेसबुक और ट्विटर की आलोचना की जा रही थी.