
अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई है. कल देर रात अमेरिकी बाजार में नॉर्मल दिनों से 3 से 4 गुना ज्यादा गिरावट आई, जिसका जिम्मेदार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को माना जा रहा है. अमेरिकी बाजार में इंट्राडे के दौरान Nasdaq 1000 अंक से ज्यादा या 5 फीसदी तक टूट गया, जबकि Dow Jons इंडेक्स में 1600 अंक या करीब 4 फीसदी की गिरावट देखी गई.
ट्रंप की पॉलिसी की वजह से अमेरिकी बाजार में गुरुवार को 2020 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की गिरावट दर्ज की गई है. S&P 500 कंपनियों ने शेयर बाजार वैल्यूवेशन में 2.4 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान उठाया, जो 16 मार्च 2020 को ग्लोबल बाजार में कोरोना महामारी के दौरान आने वाली गिरावट के बाद आया. डॉव जोन्स 4 प्रतिशत गिर गया, जबकि एसएंडपी 500 5 प्रतिशत गिर गया. नैस्डैक कंपोजिट गुरुवार को 6 प्रतिशत टूट गया.
भारतीय बाजार में आज क्या होगा?
एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज पर निफ्टी वायदा 125.95 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,200 पर कारोबार कर रहा था, जो शुक्रवार को घरेलू बाजार के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत था. Gift Nifty में मामूली गिरावट देखी जा रही है. अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत में अमेरिकी मार्केट का कितना असर होगा.
Apple में 10% से अधिक की गिरावट, Nike में 13% की गिरावट
ट्रेडिंग सत्र के दौरान एप्पल, Nvidia और Nike जैसे प्रमुख अमेरिकी शेयरों में भारी गिरावट आई. Apple के शेयरों में 10% से अधिक की गिरावट आई, जबकि Nike के शेयरों में लगभग 13% की गिरावट आई. ट्रंप की टैरिफ घोषणा के कारण कई उद्योगों की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, लेकिन टेक और रिटेल शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ.
अमेजन, एनवीडिया, वॉलमार्ट, टारगेट, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, डेल और एचपी जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई, जो ट्रंप द्वारा व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाने से हुआ.
एचपी के शेयर 17 फीसदी टूटे
अमेरिकी टेक स्टॉक्स को भारी नुकसान हुआ, जिसमें PC निर्माता Dell और HP में लगभग 17% की गिरावट आई. रॉयटर्स ने एक विशेषज्ञ के हवाले से बताया कि दोनों कंपनियों को लागत में 10-25% की वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है, जो प्रति यूनिट 200 से 500 डॉलर अतिरिक्त है. इस बीच, Apple के शेयरों में भी गिरावट आई क्योंकि रोसेनब्लैट सिक्योरिटीज ने अनुमान लगाया कि आईफोन निर्माता को टैरिफ लागत में लगभग 40 बिलियन डॉलर का सामना करना पड़ सकता है.
बैंकिंग, ऑटो शेयरों में भी गिरावट
वॉल स्ट्रीट के सबसे बड़े ऋणदाताओं जैसे जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, सिटीग्रुप और बैंक ऑफ अमेरिका के शेयरों में भी ट्रेडिंग सत्र के दौरान गिरावट आई. ये बैंक आर्थिक रूप से संवेदनशील हैं और मंदी की बढ़ती आशंकाओं ने निवेशकों को डरा दिया है. डॉयचे बैंक के वरिष्ठ अर्थशास्त्री ब्रेट रयान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ट्रंप के टैरिफ से "इस वर्ष अमेरिकी विकास दर में 1-1.5 प्रतिशत की कमी आ सकती है, जिससे मंदी का जोखिम काफी बढ़ सकता है."
(नोट- किसी भी शेयर में खरीदारी से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)