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Valentine Day flower rate: इस वेलेंटाइन डे पर इतने बढ़े फूलों के भाव, बन गया 1 दशक का रिकॉर्ड

भारत में साल दर साल फूलों की डिमांड बढ़ रही है. पिछले 2 साल कोरोना महामारी के चलते यह बाजार सुस्त रहा, लेकिन अब फिर से इसमें तेजी आ रही है. बढ़ी डिमांड के दम पर इस बार वेलेंटाइन डे पर गुलाब की कीमतें 2-3 गुना बढ़ गईं.

बढ़ रही है डिमांड बढ़ रही है डिमांड
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 3:55 PM IST
  • बेहतरीन मानी जाती है इंडियन गुलाब की क्वालिटी
  • कई देशों को गुलाब निर्यात करता है भारत

जैसे-जैसे देश में शहरीकरण बढ़ रहा है, वेलेंटाइन डे (Valentine's Day) भी त्योहार जैसा बनता जा रहा है. इसकी खास बात है कि ये बाजार के लिए बहुत फायदेमंद दिन है. हर बार की तरह इस साल भी वेलेंटाइन डे के मौके पर फूल, चॉकलेट आदि की खूब बिक्री हुई. फूलों की ऐसी खरीदारी की गई कि इनकी कीमतें 1 दशक में सबसे ज्यादा हो गई. मजूबत डिमांड के चलते फूलों खासकर गुलाब के भाव वेलेंटाइन डे के दिन 2 से 3 गुना बढ़ गए.

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इतनी हो गई एक गुलाब की कीमत

बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, वेलेंटाइन डे के दिन 20 गुलाबों का एक गुच्छा 600 रुपये में बिक रहा था, जबकि डंठल लगे एक फूल की कीमत 30 रुपये हो गई थी. यह औसत कीमत का 2 गुना है. रिपोर्ट में राइज एंड शाइन के फ्लोरीकल्चर मैनेजर श्रवण कामले बताते हैं, '5 साल पहले थोक बाजार में गुलाब की औसत कीमत 3 रुपये थी और खुदरा में यह 6 से 8 रुपये में बिकता था. अभी औसत कीमत 15 रुपये हो चुकी है और त्योहारों के दौरान यह 35 रुपये तक पहुंच जाता है.'

कोरोना के चलते 2 साल हुआ नुकसान

फ्लावर इंडस्ट्री का कहना है कि फूलों की कीमतें घरेलू बाजार में 1 दशक के हाई पर हैं. पिछले 2 साल से कोरोना के चलते डिमांड गिरी हुई थी. इस साल डिमांड बनी रहने और कीमतें टाइट रहने की उम्मीद है. कामले बताते हैं कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान 5-10 फीसदी ही डिमांड आ रही थी. कंपनियों को इसके कारण 60 फीसदी प्रोजेक्ट रोकने पड़ गए थे. इन 2 सालों में बड़े पैमाने पर पौधे भी नहीं रोपे गए. अब चीजें सामान्य हो गई हैं और मार्केट में डिमांड बढ़ रही है.

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दुनिया भर में भारत के गुलाबों की डिमांड

भारत बड़े पैमाने पर फूलों खासकर गुलाब का एक्सपोर्ट करता है. भारत के लंबे डंठल वाले गुलाब को दुनिया में सबसे अच्छा माना जाता है. ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड और दुबई जैसे बाजारों में इन्हें काफी पसंद किया जाता है. भारत में फूलों का बाजार 2024 तक 47,200 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान था. हालांकि महामारी के चलते 2 साल के व्यवधान के कारण अब इसमें देरी हो सकती है.

भारत करता है इतने गुलाबों का एक्सपोर्ट

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने दिसंबर 2020 में 68,160 किलो गुलाब का एक्सपोर्ट किया था. यह दिसंबर 2021 में 10 फीसदी कम होकर 60,960 किलो रह गया था. अप्रैल से दिसंबर 2021 के दौरान भारत का गुलाब निर्यात 13 फीसदी बढ़कर 4,46,320 किलो रहा था. भारत में मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सबसे ज्यादा गुलाब की खेती होती है. साल 2020-21 के दौरान भारत ने सिर्फ गुलाब का ही 575.98 करोड़ रुपये का निर्यात किया था.

 

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