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'अभी ट्रंप का काम पूरा नहीं हुआ...' आखिर अब क्‍या लग रहा डर? निवेशक सहमे

48 घंटे से भी कम समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को एक सदी से भी ज्‍यादा समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया. चीन ने जवाब में सभी अमेरिकी आयातों (US Import) पर 34% शुल्क लगा दिया, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध (Global Trade War) बढ़ गया और निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है.

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आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्‍ली ,
  • 05 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 11:55 AM IST

अमेरिका से यूरोप और भारतीय बाजारों में भारी गिरावट (Stock Market Crash) आई है, जिससे डर बढ़ा और ग्‍लोबल स्‍तर पर भयावह स्थिति पैदा हो गई है. Wall Street के लिए यह सप्‍ताह 2020 के बाद सबसे खराब सप्‍ताह माना जा रहा है. अमेरिका का शेयर बाजार पिछले दो कारोबारी सत्र में करीब 10% टूट चुका है. इस स्थिति से निवेशक सहमे हुए हैं. 

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मार्केट जानकारों का कहना है कि FII को भी समझ नहीं आ रहा कि वह अभी कहां निवेश करें. इस बीच, निवेशक बसंत माहेश्वरी ने एक्‍सप पर एक पोस्‍ट किया और लिखा कि अमेरिका का मुक्ति दिवस अब न्‍याय दिवस बन गया. उन्‍होंने कहा कि अभी ट्रंप का काम खत्‍म नहीं हुआ है. यह बढ़ते ट्रेड वॉर के बोझ तले होने वाली ऐतिहासिक संपत्ति की बर्बादी की एक कठोर याद दिलाता है. माहेश्वरी का कहना है कि ट्रेड वॉर की वजह से अभी और तबाही होने की संभावना है. 

ट्रेड वॉर का लग रहा डर
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 48 घंटे से भी कम समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को एक सदी से भी ज्‍यादा समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा दिया. चीन ने जवाब में सभी अमेरिकी आयातों (US Import) पर 34% शुल्क लगा दिया, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध (Global Trade War) बढ़ गया और निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है. 

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2 दिन में 5 ट्रिलियन डॉलर साफ 
दो दिनों के दौरान अमेरिकी बाजार में 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा साफ हो चुका है. नैस्डैक दिसंबर के अपने शिखर से 20% से अधिक गिर गया, जिससे बाजार में मंदी जैसी स्थिति आ चुकी है. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से, यू.एस. इक्विटी वैल्‍यू में लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है. 

अन्य बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे. चिप स्टॉक में 7% की गिरावट आई, तेल में 10% की गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड चार साल के निचले स्तर 62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स अब अपने उच्चतम स्तर से 40% नीचे है. 'मैग्नीफिसेंट सेवन' ईटीएफ में अब तक के सबसे खराब सप्ताह में 10% की गिरावट आई है.

ट्रंप के एक्‍शन से फेडरल रिजर्व भी परेशान! 
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने "बढ़े हुए जोखिम" का हवाला देते हुए सतर्क रुख बनाए रखा, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की है. उन्‍होंने कहा है कि टैरिफ से महंगाई बढ़ने का खतरा है. ऐसे में बाजार अब इस साल जून से शुरू होने वाली चार ब्याज दरों में कटौती की पूरी तरह से उम्मीद कर रहे हैं. कुछ व्यापारियों को उम्मीद है कि अगर उथल-पुथल जारी रही तो फेड और भी जल्दी कार्रवाई कर सकता है. 

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मंदी की संभावना बढ़ी 
जेपी मॉर्गन ने इसे '1968 के बाद से सबसे बड़ी अमेरिकी टैक्‍स ग्रोथ' कहा और चेतावनी दी कि वैश्विक मंदी की संभावना अधिक है. बार्कलेज को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में अमेरिकी GDP में गिरावट आएगी, जबकि महंगाई 4% को पार कर जाएगी. सिटी ने यूरोजोन और चीन दोनों के लिए 1 प्रतिशत की GDP गिरावट का अनुमान लगाया है. 

यह भी पढ़ें: 2020 के बाद अमेरिका में सबसे बुरा दिन, फिर बिखर गया US मार्केट... मंदी की आहट!

पांच साल के हाई पर VIX
VIX (वॉल स्ट्रीट का डर सूचकांक) पांच साल में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. यूरोप में, स्विस बॉन्ड भी थोड़े समय के लिए निगेटिव में चला गया, जो गहरी बाजार चिंता का एक दुर्लभ संकेतक है. 

सोमवार को क्‍या होगा? 
सोमवार को भी बाजार प्रभावित हो सकता है, क्‍योंकि अभी कई देश टैरिफ को लेकर अपनी पॉलिसी जारी कर सकते हैं. भारत समेत दुनिया भर के स्‍टॉक मार्केट में इसका असर दिख सकता है. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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