
21 जून को दुनियाभर में ‘योग दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है. सेहत को दुरुस्त रखने का ये जांचा परखा माध्यम देश की इकोनॉमी को भी स्वस्थ रखने में मददगार है. जबसे ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ ने दुनिया को शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने का फॉर्मूला दिया है, तबसे इस विज्ञान के बारे में जागरुकता बढ़ी है जिससे योग से जुड़ा कारोबार भी बढ़ रहा है.
योग के ट्रेड को बढ़ाने में सबसे ज्यादा योगदान एक्टिव वियर, एसेसरीज, मैट्स, क्लब्स और योग सेंटर्स का है. इनके जरिए इस कारोबार का विस्तार हुआ है. इस खास दिन के जरिए दुनियाभर में भारत की छवि में काफी सधार हुआ है. इससे इकोनॉमी की रफ्तार भी बढ़ी है.
योग से सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा!
योग के कारोबार में हो रही बढ़ोतरी को लेकर EMR की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि 2024 से 2032 के बीच योग से जुड़ा ग्लोबल मार्केट 9 फीसदी सालाना की दर से ग्रोथ कर सकता है. 2023 में योग के ग्लोबल मार्केट का साइज करीब 115.43 अरब डॉलर था, जो 2032 तक बढ़कर 250.70 अरब डॉलर होने का अनुमान है. योग के कारोबार में एक दिलचस्प बात ये भी है कि इससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिल रहा है क्योंकि मार्केट में योग के लिए इस्तेमाल होने वाले मैट, कुशन, ब्लॉक, कपड़े और दूसरे सामान की डिमांड तो बढ़ी है लेकिन कई कंपनियां इसे रिसाइकिल्ड मैटेरियल से बना रही है.
योग प्रोफेशनल्स में 72% महिलाएं
योग के चलन में तेजी आने से महिलाओं को भारी संख्या में रोजगार के मौके मिल रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, दुनियाभर में काम करने वाले योग प्रोफेशनल्स में 72 परसेंट महिलाएं हैं. भारत में ही योग क्लासेस की इंडस्ट्री का रेवेन्यू साइज करीब 2.6 अरब डॉलर का है, जबकि योग इंडस्ट्री का आकार 80 अरब डॉलर का है. कोविड-19 के बाद तो इसमें 154 परसेंट तक की ग्रोथ दर्ज की गई है.
इसमें महिलाओं समेत योग से जुड़े सभी प्रोफेशनल्स के लिए ये एक बढ़िया करियर विकल्प साबित हुआ है. योग के जरिए ऑफलाइन मार्केट के साथ-साथ ऑनलाइन बाजार तक को बड़ा फायदा मिल रहा है. लोग योग स्टूडियो, योग क्लब और जिम में भी योग से जुड़े कोर्स कर रहे हैं, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इंफ्लूएंसर्स भी ऑनलाइन योग क्लासेस दे रहे हैं.