पिछले महीने की 15 तारीख को यानी 15 जुलाई को रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना बैठक (AGM) हुई थी, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा था कि कोरोना महामारी की वजह से RIL के ऑयल टू केमिकल बिजनेस के लिए सऊदी अरामको के साथ डील निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार नहीं हो पाई है. (Photo: File)
लेकिन अब इस मामले पर सऊदी अरामको का बयान आया है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरामको के CEO अमीन एच नसर ने कहा है कि वे अभी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ निवेश के सौदे पर काम कर रहे हैं. (Photo: File)
सऊदी अरामको का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद वह अभी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स कारोबार में 15 बिलियन डॉलर निवेश के सौदे पर काम कर रहा है. (Photo: File)
सऊदी अरामको की मानें तो इस डील को लेकर रिलायंस के बातचीत अभी भी जारी है, और सही वक्त पर इस डील के बारे में अपने शेयरधारकों को जानकारी दी जाएगी. (Photo: File)
दरअसल, सऊदी अरामको को रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच इस डील में देरी की वजह से इसके रद्द होने की आशंका जताई जा रही थी. लेकिन अब अरामको के सीईओ डील रद्द होने की सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है. (Photo: File)
गौरतलब है कि मुकेश अंबानी ने पिछले महीने कहा था कि कोरोना महामारी की वजह से बनी परिस्थितियों के चलते सऊदी अरामको के साथ प्रस्तावित डील समय से नहीं हो पा रही है. लेकिन हम सऊदी अरामको के साथ अपने दो दशक से ज्यादा के कारोबारी संबंधों का सम्मान करते हैं और उसके साथ लम्बी अवधि की भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं. (Photo: File)
अगर यह डील होती है तो फिर उसके बाद सऊदी अरामको की एडवांस टेक्नोलॉजी का लाभ RIL को मिलेगा. सऊदी अरब की कंपनी सऊदी अरामको RIL के रिफाइनरी और केमिकल कारोबार में 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने को इच्छुक है. इसके लिए अरामको को 75 अरब डॉलर (करीब 5,32,466 करोड़ रुपये) का निवेश करना होगा. (Photo: File)
वहीं सऊदी अरामको ने रविवार को बताया कि दूसरी तिमाही की शुद्ध आय पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 75 फीसदी कम रही. कंपनी की मानें तो कच्चे तेल की कीमतों में करीब 33 फीसदी की गिरावट इसकी वजह रही. (Photo: File)