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कैसे शुरू हुई हिंदुजा परिवार में संपत्ति की जंग? परिवार में कौन-क्या करता है? जानें पूरी कहानी

हिंदुजा भाइयों में संपत्ति का पारिवारिक विवाद तब खुलकर सामने आ गया, जब श्रीचंद हिंदुजा की बेटी वीनू इंग्लैंड के हाईकोर्ट में चली गईं और उन्होंने स्विट्जरलैंड के हिंदुजा बैंक पर अपने परिवार का नियंत्रण दिलाने की अपील की.

हिंदुजा परिवार में शुरू हुआ संपत्ति विवाद  हिंदुजा परिवार में शुरू हुआ संपत्ति विवाद
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 जून 2020,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

  • चार हिंदुजा ब्रदर्स करीब 13 अरब डॉलर के साम्राज्य के मालिक
  • परिवार में अब तीसरी पीढ़ी भी संभाल रही है कारोबार
  • नई पीढ़ी की नए ढंग से कारोबार पर नियंत्रण की कोशिश

लंबे समय से एक आदर्श संयुक्त परिवार का हिस्सा रहे हिंदुजा बंधुओं में भी अब अरबों डॉलर की संपत्ति को लेकर जंग शुरू हो गई है. हर कोई अचरज कर रहा है कि आखिर इतने एकजुट परिवार में ऐसा कैसे हुआ कि दरार पड़ने लगी है.

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सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में हिंदुजा परिवार की तीसरी पीढ़ी में स्वामित्व का हस्तांतरण इस विवाद का मूल कारण है. एक प्रमुख उद्योगपति ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, 'चाहे GOCL Corp हो या अशोक लीलैंड, अब परिवार के लड़के बड़ी भूमिका में आ गए हैं. लड़कियों में सिर्फ श्रीचंद हिंदुजा की बेटियां कारोबारी ग्रुप में अपना करियर आगे बढ़ा रही हैं. विवाद स्विट्जरलैंड के बैंक पर नियंत्रण को लेकर है, क्योंकि अभी परिवार में कोई औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है.'

बाहर से देखने पर ऐसा लगता है कि हिंदुजा समूह पर काफी हद तक नियंत्रण परिवार की दूसरी पीढ़ी का है—भाइयों श्रीचंद हिंदुजा (84 साल), गोपीचंद हिंदुजा (80 साल), प्रकाश हिंदुजा (75 साल) और अशोक हिंदुजा (70 साल) के पास. लेकिन तथ्य यह है कि परिवार के तीनों प्रमुख कारोबार-अशोक लीलैंड, GOCL कॉरपोरेशन जो पहले गल्फ ऑयल था और हिंदुजा बैंक (स्विट्जरलैंड) की कमान तीसरी पढ़ी के हाथ में आ गई है. सिर्फ इंडसइंड बैंक की कमान प्रोफेशनल लोगों के हाथ में है.

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कैसे सामने आया विवाद

हिंदुजा भाइयों में संपत्ति का पारिवारिक विवाद तब खुलकर सामने आ गया, जब श्रीचंद हिंदुजा की बेटी वीनू इंग्लैंड के हाईकोर्ट में चली गईं और उन्होंने स्विट्जरलैंड के हिंदुजा बैंक पर अपने परिवार का नियंत्रण दिलाने की अपील की. वे अपने पिता के लिटिगेशन फ्रेंड यानी मुकदमा मित्र के रूप में पेश हुई थीं. उन्होंने कहा कि उनके परिवार का नियंत्रण हिंदुजा बैंक पर दिलाया जाए.

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इस बैंक में उनके पिता चेयरमैन एमिरेट्स हैं और उनकी बड़ी बहन शानू इसकी चेयरमैन हैं. शानू के बेटे करम हिंदुजा कुछ दिनों पहले ही बैंक के सीईओ बने हैं. गौरतलब है ​हिंदुजा बैंक करीब 2,744 करोड़ रुपये के एसेट वाला स्विट्जरलैंड का एक छोटा बैंक है. इस बैंक की अशोक लीलैंड में भी 5 फीसदी हिस्सेदारी है.

असल विवाद शुरू हुआ हिंदुजा बंधुओं के दस्तखत वाले जुलाई 2014 के एक लेटर से. इस लेटर में कहा गया है, 'किसी भी एक भाई के नाम से जो भी संपत्ति है, वह चारों भाइयों की होगी.'

कितनी है संपत्ति

फोर्ब्स के मुताबिक हिंदुजा परिवार की कुल संपत्ति करीब 13 अरब डॉलर (करीब 98,305 करोड़ रुपये) की है. कॉरपोरेट जगत से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, 'परिवार इस संपत्ति को अगर संयुक्त प्रॉपर्टी की तरह रखना चाहता है तो उसे इस तरह के विवाद से बचने के लिए एक पारिवारिक संविधान तैयार करना होगा, बजाज समूह की तरह. फैमिली सेटलमेंट एग्रीमेंट के द्वारा ही मैनेजमेंट नियंत्रण और प्रमोटर परिवारों के क्रॉस ओनरशिप को अलग किया जा सकता है.

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हर भाई का बंटा है काम

हिंदुजा ग्रुप की वेबसाइट के मुताबिक हर भाई को अलग-अलग कारोबारी जिम्मेदारी दी गई है. श्रीचंद हिंदुजा हिंदुजा बैंक के अलावा समूचे ग्रुप के चेयरमैन हैं और वह हिंदुजा फाउंडेशन की सीएसआर शाखा के भी चेयरमैन हैं. उन्होंने ही कुछ एनआरआई के साथ मिलकर इंडसइंड बैंक की शुरुआत की थी.

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गोपीचंद हिंदुजा समूह के को-चेयरमैन हैं और हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके के चेयरमैन भी हैं. ये दोनों भाई लंदन में नहीं रहते. गोपीचंद ने ही भारत और खाड़ी देशों में कारोबार करने वाली एक कंपनी को अरबों डॉलर के बहुराष्ट्रीय समूह में बदलने में पूरी​ निभाई है. अस्सी के दशक में उनके ही नेतृत्व में गल्फ ऑयल और अशोक लीलैंड को खरीदा गया.

तीसरे भाई प्रकाश हिंदुजा यूरोप में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं. वह पारिवारिक कारोबार से जुड़े रहते हुए पहले तेहरान, ईरान में रहे और उसके बाद स्विट्जरलैंड जाकर ग्रुप के यूरोपीय कारोबार को संभाला. साल 2008 के बाद वह मोनाको चले गए.

सबसे छोटे भाई अशोक हिंदुजा भारत में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं. वह मुंबई में रहते हैं. कामकाज के लिहाज से देखें तो उनकी भूमिका ओर भाइयों के मुकाबले बड़ी है. वह काफी कम उम्र में ही भारत में समूह के कारोबार से जुड़ गए थे. वह आईआईएचएल के चेयरमैन भी हैं, जो इंडसइंड बैंक की प्रमोटिंग कंपनी है. वह समूह की मीडिया और एंटरटेनमेंट कंनी Nxt डिजिटल ​लिमिटेड और हिंदुजा नेशनल पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन हैं. वह बीपीओ कंपनी हिंदुजा ग्लोबल सोल्युशन चेयरमैन एमिरेट्स भी हैं.

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तीसरी पीढ़ी भी कारोबार में

श्रीचंद हिंदुजा की दो बेटिया हैं. बीनू और शानू. शानू हिंदुजा फाउंडेशन यूएस की चेयरपर्सन हैं और वह हिंदुजा ग्लोबल सोल्युशंस इंक की को-चेयरपर्सन हैं. बीनू हिंदुजा वेंचर्स लिमिटेड की डायरेक्टर और हिंदुजा ग्रुप इंडिया लिमिटेड और जीओसीएल कॉरपोरेशन की डायरेक्टर हैं.

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गोपीचंद हिंदुजा के दो बेटे हैं-संजय और धीरज और एक बेटी हैं-रीता. संजय GOCL कॉरपोरेशन के चेयरमैन एमिरेट्स हैं और धीरज अशोक लीलैंड के चेयरमैन हैं. प्रकाश हिंदुजा के दो बेटे हैं-अजय और रामकृष्ण और एक बेटी हैं-रेणुका. अजय GOCL कॉरपोरेशन के चेयरमैन हैं और रामकृष्ण वाइस चेयरमैन. अशोक हिंदुजा की दो बेटियां हैं, अंबिका और सत्या और एक बेटा है-शोम. केपीएमजी में एसोसिएट के रूप में काम करने के बाद सोम ने 2014 में हिंदुजा ग्रुप जॉइन किया है. वह अब हिंदुजा ग्रुप के अल्टर्नेटिव एनर्जी और सस्टेनबल इनिशिएटिव के प्रेसिडेंट हैं. अशोक हिंदुजा की बेटी अंबिका बॉलीवुड में फिल्म प्रोड्यूसर हैं और दूसरी बेटी सत्या एक डीजे और म्यूजिक प्रोड्यूसर हैं.

(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)

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