
दिन में गिरकर बिखरे शेयर बाजार (Share Market) के बाद शाम को लोगों के लिए राहत भरी खबर आ गई. महंगाई (Inflation) से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत मिली है. सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े में मई के महीने में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) में गिरावट आई है और अब ये 7.04 फीसदी हो गई है. मंहगाई की वजह से सोमवार को शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी. अब महंगाई दर में आई गिरावट का भी असर मंगलवार को शेयर बाजार में भी दिख सकता है और मार्केट में बढ़त के साथ खुल सकता है.
खाद्य महंगाई (Food Inflation) दर 8.31% से घटकर 7.97% हो गई. केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर 8 और 6 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी. इसके बाद राज्यों ने भी वैट को कम किया था. ईंधन की कीमतों में आई गिरावट की वजह से ट्रांसपोर्टेशन की लागत में कम हुई, जिसकी वजह से खुदरा महंगाई में गिरावट दर्ज की गई है.
रिजर्व बैंक की सीमा से ऊपर
ये लगातार पांचवा मौका है, जब खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लक्ष्य सीमा से काफी ऊपर है. अप्रैल में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) 7.79 फीसदी के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर थी. सरकार द्वारा आरबीआई को खुदरा मुद्रास्फीति को 4 फीसदी पर 2 फीसदी के मार्जिन के साथ रखने को कहा गया है.
सरकार ने लोगों को दी थी राहत
सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल में 7.79 प्रतिशत, मार्च में 6.95 प्रतिशत, फरवरी में 6.07 प्रतिशत और जनवरी में 6.01 प्रतिशत रही थी. पिछले महीने के अंत में सरकार ने आवश्यक वस्तुओं पर लगाए गए टैक्स स्ट्रक्चर के बदलाव किया था.
आरबीआई ने बढ़ाया था रेपो रेट
इसके अलावा सरकार ने लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए ईंधन की कीमतों में कटौती की थी. इस बीच कुछ दिन पहले ही आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 6-8 जून को हुई बैठक में प्रमुख ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट (BP) की बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, क्योंकि महंगाई दर कंफर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है. रेपो रेट 0.50 फीसदी बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया है. इसकी वजह से होम लोन, पर्सनल लोन या वाहन के लिए कर्ज लेने वालों की EMI में बढ़ोतरी हुई है.