Advertisement

जेट को उबारने के लिए आगे आएगा हिंदुजा समूह? बैंकों ने किया संपर्क

जेट एयरवेज को संकट से उबारने के लिए अब बैंकों और एतिहाद एयरवेज ने ब्रिटेन के सबसे धनी कारोबारी समूह हिंदुजा से संपर्क किया है. कर्जदाता बैंकों का 8,500 करोड़ रुपया फंसा हुआ है और जेट के लिए कोई उपयुक्त खरीदार नहीं मिल रहा.

हिंदुजा बंधुओं से बैंकों को है उम्मीद (फोटो: रायटर्स) हिंदुजा बंधुओं से बैंकों को है उम्मीद (फोटो: रायटर्स)
दिनेश अग्रहरि
  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2019,
  • अपडेटेड 3:34 PM IST

जेट एयरवेज को संकट से उबारने के लिए अब उसको कर्ज देने वाले बैंकों और एतिहाद एयरवेज ने ब्रिटेन के सबसे धनी कारोबारी समूह हिंदुजा से संपर्क किया है. जेट एयरवेज की हालत बहुत खराब है और पिछले दो दिनों में इसके कई शीर्ष अधिकारियों ने पद छोड़ दिया है. खबरों के अनुसार, हिंदुजा भाइयों ने इस एयरवेज को उबारने में शुरुआती तौर पर रुचि भी दिखाई है.

Advertisement

इकोनॉमिक टाइम्स अखबार की एक खबर में यह दावा किया गया है. अखबार के अनुसार, कर्जदाता बैंकों को जेट के लिए कोई उपयुक्त खरीदार नहीं मिल रहा. हाल में इसके सीईओ विनय दुबे के साथ ही सीएफओ, कंपनी सचिव, चीफ पीपल ऑफिसर यानी सीपीओ ने इस्तीफा दे दिया है.

अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि एतिहाद ने प्रतिनिधि समूह के मुखिया और सबसे बड़े भाई जी.पी. हिंदुजा से संपर्क किया है. उन्होंने इस मामले को अपने छोटे भाई अशोक हिंदुजा को सौंप दिया है जो भारतीय कारोबार देखते हैं. हिंदुजा समूह ने अभी इस मामले में कोई वादा नहीं किया है, लेकिन समूह के लोग अगले कुछ दिनों में एतिहाद और कर्ज देने वाले बैंकों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. हालांकि इसके लिए कोई डेट तय नहीं की गई है. यह बातचीत अभी बहुत शुरुआती दौर में है और इसके लिए कोई औपचारिक मीटिंग या संवाद नहीं हुआ है.

Advertisement

गौरतलब है कि बैंकों से कर्ज लेकर बैठे जेट एयरवेज का काम 17 अप्रैल से बंद करना पड़ा था, जब बैंकों ने इसे 400 करोड़ का और कर्ज देने से इंकार कर दिया था. एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने जेट को 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज दे रखा है, जिसे वसूलने का उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है.

एयरलाइंस ने कहा था कि कामकाज चलाने के लिए उसे यह कर्ज जरूरी है. इसके पहले मार्च महीने में बैंकों ने कंपनी का बोर्ड अपने हाथ में ले लिया था और एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल तथा उनकी पत्नी को बोर्ड से बाहर जाना पड़ा.

एतिहाद की जेट में 24 फीसदी हिस्सेदारी है और वह कंपनी में दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार है. एतिहाद अब जेट में 1,700 करोड़ रुपये तक लगाने को तैयार है, लेकिन वह प्रमुख निवेशक बनने को तैयार नहीं है. निवेशकों का अनुमान है कि जेट को चलाने के लिए उसे अगले तीन साल में 20,000 करोड़ रुपये तक के पूंजी की जरूरत होगी.

गौरतलब है कि हिंदुजा बंधु ब्रिटेन के सबसे धनी कारोबारी हैं और हाल में उन्हें यह खिताब फिर से हासिल हुआ है. हिंदुजा बंधु तीसरी बार ब्रिटेन के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं. संडे टाइम्स की रिच लिस्ट के मुताबिक, उनकी संपत्ति एक साल में 1.356 बिलियन पाउंड (12 हजार 270 करोड़ रुपए) बढ़ी है. 1914 में मुंबई से शुरू हुआ हिंदुजा ग्रुप आज दुनियाभर में छाया हुआ है. फिलहाल यह समूह तेल, गैस, बैंकिंग, आईटी और रियल एस्टेट के कारोबार में अपना लोहा मनवा रहा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement