
ग्लोबली पॉजिटिव संकेतों के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में लुढ़कने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में रिकवरी दर्ज की गई. बाजार खुलने के कुछ मिनटों के भीतर सेंसेक्स 130 अंक तक मजबूत होकर 37 हजार 200 के स्तर को पार कर गया.
इसी तरह निफ्टी ने भी 11 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर के उपर कारोबार करना शुरू कर दिया. इस बीच, शुक्रवार को रुपये में मजबूती के साथ शुरुआत हुई. डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे की मजबूती के साथ 70.93 रुपये के स्तर पर खुला. वहीं गुरुवार को रुपये में 52 पैसे की तेजी दर्ज की गई और यह 71.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. पिछले छह कारोबारी दिनों के दौरान रुपये में 125 पैसे की तेजी आई है. इससे पहले बुधवार को रुपया 71.66 प्रति डॉलर पर रहा था.
गुरुवार को बाजार का हाल
इससे पहले गुरुवार को आर्थिक आंकड़े आने से पहले निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखने को मिला और इस वजह से बिकवाली भी बढ़ गई. ऐसे में उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 166.54 अंक लुढ़कर कर 37,105 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी भी 52.90 अंक की गिरावट के साथ 11 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक बढ़त को गंवा दिया. कारोबार के अंत में निफ्टी 10,982.80 अंक के स्तर पर रहा. इस हफ्ते में पहली बार है जब बाजार लाल निशान पर बंद हुआ.
हालांकि ग्लोबली बाजार में रौनक देखने को मिली. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने को 15 दिन टालने के बाद विवाद सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है. इस वजह से ग्लोबली शेयर बाजार में तेजी आई.
आर्थिक आंकड़ों में सुस्ती बरकरार
बता दें कि खुदरा महंगाई और औद्योगिक उत्पादन के अगस्त के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. अगस्त महीने में खुदरा महंगाई 10 महीने के उच्चतम स्तर पर है. इस महीने में खुदरा महंगाई 3.21 फीसदी पर पहुंच गई है. इसी तरह अर्थव्यवस्था का अहम इंडिकेटर औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि की चाल सुस्त पड़ गई है. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक पर आधारित औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जुलाई माह में 4.3 फीसदी रही. एक साल पहले जुलाई के मुकाबले यह नीचे है. पिछले साल जुलाई में देश की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 6.5 फीसदी थी. हालांकि इस साल जून के आंकड़ों से तुलना करें तो बढ़ोतरी देखने को मिली है.