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8th Pay Commission Rules: 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही DA और DR हो जाएगा 0? जानिए क्या है नियम

छठे और 7वें केंद्रीय वेतन आयोग में डीए को बेसिक सैलरी में नहीं मर्ज किया गया. बल्कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के समय सैलरी, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय होती है. ऐसे में इस समय महंगाई भत्ता इसमें शामिल नहीं होता है.

8th Pay Commission के तहत डीए होगा शून्‍य? 8th Pay Commission के तहत डीए होगा शून्‍य?
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली ,
  • 17 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी है. ऐसे में कई सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं. खासकर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को लेकर. कहा जा रहा 8वां वेतन आयोग लागू होते ही DA और डीआर 0 कर दिया जाएगा. क्‍योंकि 5वें वेतन आयोग में एक खास प्रवाधान था, जिसके तहत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) 50% से ज्यादा होने पर ऑटोमेटिक रूप से बेसिक सैलरी या बेसिक पेंशन में शामिल हो जाता था. ये सैलरी स्‍ट्रक्‍चर को सरल बनाने के लिए किया गया था, लेकिन 6वें वेतन आयोग और 7वें वेतन आयोग के तहत ऐसा नहीं था. 

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7वें वेतन आयोग के तहत क्‍या था प्रावधान 
छठे और 7वें केंद्रीय वेतन आयोग में डीए को बेसिक सैलरी में नहीं मर्ज किया गया. बल्कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के समय सैलरी, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय होती है. ऐसे में इस समय महंगाई भत्ता इसमें शामिल नहीं होता है. महंगाई भत्ता आने वाले समय में या वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर जुड़ता है.

समय के साथ बढ़ती महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार हर छह महीने पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भता को संशोधित करती है. इसे जनवरी और जुलाई से कर्मचारियों की सैलरी में कैलकुलेट किया जाता है. महंगाई भत्ते में अगली बढ़ोतरी को मार्च 2025 में ऐलान किए जाने की संभावना है. 

फिर क्‍या DA 50% से हो जाएगा '0' 
ये महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी या पेंशन के आधार पर तय किया जाता है. केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी या वेतन का बड़ा हिस्सा महंगाई भत्ता ही होता है. मौजूदा वेतन आयोग में ऐसी कोई प्रावधान नहीं है कि DA 50% से ज्यादा होने पर ऑटोमेटिक रूप से इसे बेसिक सैलरी में शामिल कर दिया जाए और इसे '0' कर दिया जाएगा. इसी तरह, महंगाई राहत को लेकर भी है. 

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क्‍या है फिटमेंट फैक्‍टर? उदाहरण से समझें
बता दें फिटमेंट फैक्‍टर ऐसी चीज है, जिसके आधार पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनर्स की पेंशन की गणना की जाती है. आयोग की सिफारिश के आधार पर इसे लागू किया जाता है. उदाहरण- अगर किसी की बेसिक सैलरी 20 हजार है और 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्‍टर 2.5 की सिफारिश की जाती है तो उसकी बेसिक सैलरी बढ़कर 50 हजार हो जाएगी. इसी तरह पेंशन भी कैलकुलेट होगा. 

कब होगा 8वां वेतन आयोग लागू?
केंद्र सरकार कर्मचारियों की सैलरी को रिवाइज्‍ड करने के लिए नया वेतन आयोग अक्‍सर 10 वर्ष के अंतराल पर ही लागू करती है. 7th Pay Commission को साल 2016 में लागू किया गया था. वहीं 6वें वेतन आयोग को साल 2006 में लागू किया गया था. इसी तरह, हर 10 साल के अंतर पर 4th और 5th वेतन आयोग को भी 10-10 साल के अंतर पर लागू किया गया था. वहीं 8वें वेतन आयोग को भी सरकार ने 2026 तक अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है. ऐसे में उम्‍मीद है कि इसे भी साल 2026 तक लागू कर दिया जाएगा. 

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद अश्विनी वैष्‍णव ने बताया कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन करने की मंजूरी दे दी गई है. 8वें वेतन आयोग के गठन से करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 67.95 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा. अभी तक देश में सातवां वेतन आयोग लागू है, जिसका कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक है. 

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