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नई टैक्स रिजीम चुनें या पुरानी... इतनी कमाई पर एक बराबर लगेगा टैक्स, ये है पूरा गणित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में नई टैक्स व्यवस्था में बदलाव करने का ऐलान किया है. इस घोषणा के बाद से ही टैक्स सबसे अधिक चर्चा वाला कीवर्ड बना हुआ है. टैक्सपेयर्स गुणा-गणित लगाने में जुटे हैं कि उनके लिए कौन सा फायदेमंद होगा.

इतनी कमाई पर दोनों टैक्स रिजीम में एक बराबर टैक्स. इतनी कमाई पर दोनों टैक्स रिजीम में एक बराबर टैक्स.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:17 PM IST

वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण (Nirmla Sitharaman) ने आम बजट (Budget 2023) में नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regimes) के टैक्स स्लैब में बदलाव करने का ऐलान किया है. इसके बाद से लोग नई टैक्स रिजीम और पुरानी में तुलना कर रहे हैं और ये देख रहे हैं कि उनके लिए कौन सी व्यवस्था फायदेमंद साबित होगी. जाहिर है सात लाख रुपये तक की सालाना इनकम टैक्स फ्री है. लेकिन एक स्तर पर सालाना कमाई पहुंचने के बाद क्या नई टैक्स व्यवस्था और क्या पुरानी दोनों पर ही बराबर टैक्स लगेगा. इस पूरा गुणा गणित को आइए आसान भाषा में समझ लेते हैं.

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दोनों में अंतर

नई टैक्स व्यवस्था में सालाना सात लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री है, लेकिन किसी भी तरह के डिडक्शन का लाभ इसमें नहीं मिलेगा. पुराने टैक्स रिजीम पर 80C के तहत 1,50,000 रुपये तक का डिडक्शन मिलता है.

ऐसे में नई टैक्स व्यवस्था उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जिनके पास किसी भी तरह का निवेश या होम लोन नहीं है. अगर किसी ने सेविंग स्कीम में निवेश किया है और उसपर होम लोन भी है, तो उसके लिए पुरानी टैक्स रिजीम ही फायदेमंद है.

पुरानी टैक्स रिजीम के तहत 4,25,000 रुपये के डिडक्शन का लाभ उठा सकते हैं. इस स्थिति में अगर आपकी सालाना आय 16,00,000 रुपये है, तो आप पुरानी टैक्स रिजीम चुनें या नई... टैक्स एक बराबर देना होगा. 

नए और पुराने टैक्स रिजीम के स्लैब.

16 लाख की कमाई पर एक बराबर टैक्स

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अब इसे और आसान भाषा में समझ लेते हैं.... एनवलप कैलकुलेशन के अनुसार, अगर किसी टैक्सपेयर की सालाना इनकम 16 लाख रुपये है. वो 4.25 लाख रुपये के डिडक्शन के लिए पुरानी टैक्स रिजीम को चुनता है ( 50,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन, 2 लाख होम लोन ब्याज, 80C के तहत 1.5 लाख, हेल्थ इंश्योरेंस के लिए 80D के 25,000 रुपये) तो उसे भी उतना ही इनकम टैक्स देना होगा, जितना इतनी ही कमाई पर नई टैक्स रिजीम के तहत भुगतान करना होगा. 

कितनी इनकम पर लगेगा एक बराबर टैक्स

 इनकम ओल्ड टैक्स रिजीम न्यू टैक्स रिजीम बचत बेहतर कौन?
10,00,000  28,600  54,600  26,000 ओल्ड
11,00,000 49,400  70,200 20,800 ओल्ड
12,00,000 70,200   85,800 15,600 ओल्ड
15,00,000 1,40,400 1,45,600 5,200 ओल्ड
16,00,000 1,71,600 1,71,600 00 दोनों
20,00,000 2,96,400 2,96,400 00 दोनों
25,00,000 4,52,400 4,52,400 00 दोनों
30,00,000 6,08,400 6,08,400 00 दोनों
35,00,000 7,64,400 7,64,400 00 दोनों
40,00,000 9,20,400 9,20,400 00 दोनों
45,00,000 10,76,400 10,76,400 00 दोनों
50,00,000  12,32,400 12,32,400 00 दोनों

पुरानी और नई टैक्स व्यवस्थाओं के बीच मुख्य अंतर यह है कि नई टैक्स रिजीम के तहत आप 80C, 80D और 24B जैसी कटौती का लाभ नहीं उठा सकते हैं. जबकि आप डिडक्शन और छूटों को शामिल कर पुरानी व्यवस्था के तहत ये सभी लाभ ले सकते हैं. 

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ऐसे लोगों के लिए बेहतर नई टैक्स रिजीम

आमतौर पर, यदि आपके पास डिडक्शन के रूप में क्लेम करने के लिए निवेश नहीं है तो नई व्यवस्था अधिक मुफीद बैठती है. हालांकि, 16 लाख तक की आय वाले और होम लोन, स्वास्थ्य बीमा और पीपीएफ जैसी सेविंग स्कीम पर डिडक्शन का लाभ उठाने वाले लोगों को वैल्यूएशन करने की जरूरत होगी. क्योंकि उनके लिए पुरानी व्यवस्था अभी भी अधिक बेहतर साबित हो सकती है. हालांकि, यह अलग-अलग मामलों में अलग-अलग होगा. 

(नोट: टैक्स संबंधित फैसले लेने से पहले एक बार एक्सपर्ट्स से जरूर सलाह लें)

 

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