
‘दुबईकॉइन’ नाम की एक क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू 24 घंटे में इतनी बढ़ गई कि दुबई सरकार परेशान हो उठी. उसे बाजार में निवेशकों को सावधान रहने की चेतावनी देनी पड़ी. ये है पूरा मामला
‘दुबईकॉइन’ की वैल्यू 1000% बढ़ी
‘दुबईकॉइन’ या ‘डीबिक्स’ नाम की इस क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू 24 घंटे में 1000% तक बढ़ गई. क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य में इस वृद्धि ने दुबई इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सेंटर का ध्यान खींचा. जिसके बाद स्थानीय सरकार को निवेशकों को चेतावनी देनी पड़ी. लेकिन इस क्रिप्टोकरेंसी का मूल्य अचानक कैसे बढ़ गया...
दुबई की आधिकारिक क्रिप्टोकरेंसी?
डब-पे नाम की एक वेवसाइट ने एक प्रेस रिलीज के हवाले से दावा किया कि ‘डीबिक्स’ दुबई की आधिकारिक डिजिटल करेंसी है. इसके बाद ‘दुबईकॉइन’ के मूल्य में अचानक से वृद्धि होने लगी और ये 24 घंटे में 1000% तक बढ़ गई.
क्रिप्टो डॉट कॉम के मुताबिक दुबईकॉइन की 27 मई को 1.13 डॉलर हो गई जो 24 घंटे पहले मात्र 0.17 डॉलर थी. दुबईकॉइन की वैल्यू में इस वृद्धि की खबर को कई मीडिया वेबसाइट ने भी प्रकाशित किया है.
हो सकता है फिशिंग का मामला
क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य में अचानक हुई इस वृद्धि ने दुबई इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सेंटर को चिंता में डाल दिया. बाद में दुबई सरकार के मीडिया ऑफिस ने शुक्रवार को इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी किया.
सरकार ने कहा, ‘दुबईकॉइन’ को कभी भी किसी सरकारी विभाग ने ‘मंजूरी’ (आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के रूप में) नहीं दी है. वेबसाइट पर ‘इसका प्रचार एक फिशिंग अभियान है. इसे वेबसाइट पर आने वाले विजिटर्स की निजी जानकारियां चुराने के हिसाब से डिजाइन किया गया है.’
सरकार ने निवेशकों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया है.
‘दुबईकॉइन’ की फाउंडर कंपनी ने दावे को बताया ‘फेक’
दुबईकॉइन की फाउंडर कंपनी अरेबियन चेन टेक्नोलॉजी ने दावा किया कि पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र (MENA Region) में वह पहली कंपनी है जो खुली, विकेन्द्रीकृत और सर्वसम्मति से चलने वाली ब्लॉकचेन सेवा देता है.’ कंपनी ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कभी भी इस तरह का दावा नहीं किया है और जो वेबसाइट ऐसा कर रही है वो फेक है.
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