Advertisement

बजट के बाद क्या सस्ता हो जाएगा सोना खरीदना? अगर सरकार ने मान ली ये मांग तो...

Budget 2025: स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार से घरेलू बेकार सोने को इस्तेमाल में लाया जा सकेगा जिससे आयात में कमी आएगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा.

बजट बजट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

रत्न और आभूषण उद्योग ने सरकार से आगामी बजट 2025 में जीएसटी दर घटाने की अपील की है. मौजूदा 3% जीएसटी को 1% तक कम करने की मांग की जा रही है जिससे उद्योग पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हो सके. जीएसटी दरों (GST Rate) में इस कमी से ग्राहकों को राहत मिलने के साथ ही उद्योग को भी मजबूती मिलेगी. 

Advertisement

अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा है कि सोने की बढ़ती कीमतों और मौजूदा जीएसटी रेट की वजह से उद्योग और ग्राहकों, उसमें भी खासकर ग्रामीण इलाकों में भारी असर हो रहा है. उनका कहना है कि टैक्स में कमी से ग्राहकों की खरीद क्षमता बढ़ेगी और अनुपालन में भी सुधार होगा. 

लैब में बने हीरे होंगे सस्ते!
परिषद ने सुझाव दिया है कि प्राकृतिक और लैब में बने हीरों पर अलग-अलग GST रेट लागू किए जाएं. इससे लैब में बने हीरों के टिकाऊ और किफायती गुणों को बढ़ावा मिलेगा. फिलहाल दोनों तरह के हीरों पर एक समान 3% जीएसटी लगाया जाता है.

GJC ने सरकार से रत्न और आभूषण उद्योग के लिए एक समर्पित मंत्रालय बनाने और राज्यवार नोडल कार्यालय स्थापित करने का भी अनुरोध किया है. परिषद का कहना है कि एक केंद्रीय मंत्री की नियुक्ति से इस क्षेत्र के विकास में गति आ सकती है.  

Advertisement

गोल्ड आयात में कमी होगी!
परिषद ने EMI सुविधा और स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार की जरुरत पर भी जोर दिया है. GJC के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता का कहना है कि EMI सुविधा शुरू होने से ग्राहकों को आभूषण खरीदने में सहूलियत होगी.

वहीं, स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार से घरेलू बेकार सोने को इस्तेमाल में लाया जा सकेगा जिससे आयात में कमी आएगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा.  उद्योग को उम्मीद है कि बजट 2025 में इन मांगों पर विचार किया जाएगा और सरकार की तरफ से ये जरूरी कदम उठाए जाएंगे. इससे रत्न और आभूषण सेक्टर को फायदा मिलेगा और ग्राहकों को भी राहत मिलेगी.

गौरतलब है कि भारत में गोल्ड की मांग को पूरा करने के लिए इसे इम्पोर्ट किया जाता है. ऐसे में इस पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) लगती है. पहले गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी 12.5 फीसदी थी, जिसे अब भारत सरकार ने कम करके 10 फीसदी कर दी है.

भारत सरकार ने जुलाई 2024 के बजट में सोने और चांदी की छड़ों पर सीमा शुल्क को 15% से घटाकर 6% कर दिया है. इसके अलावा, प्लैटिनम, पैलेडियम, ऑस्मियम, रूथेनियम, और इरिडियम पर सीमा शुल्क को 15.4% से घटाकर 6.4% कर दिया गया है. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement